जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर में पत्थरबाजी का म

जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर में पत्थरबाजी का मामला गरमाया, संत समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग

जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर में पत्थरबाजी का मामला गरमाया, संत समाज ने की सख्त कार्रवाई की मांग

मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर से पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दी

पत्थरबाजी करने पर सख्त कार्रवाई और मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

पुलिस की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का भरोसा

वहीं, श्री देवी तालाब मंदिर करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

जालंधर 

जालंधर के प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में दो दिन पहले हुई पत्थरबाजी का मामला अब गरमा गया है। घटना को लेकर संत समाज और श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर से पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत दी गई है। शिकायत में मंदिर परिसर में पत्थरबाजी करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है। वहीं, पुलिस की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। 

पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दिया भरोसा

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान होते ही उन्हें गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।

सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है

भारत साधू समाज की ओर से महंत बंसीदास ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि श्री देवी तालाब मंदिर करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। देश-विदेश से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां माता श्री त्रिपुरमालिनी जी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

 मंदिर से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी 

उन्होंने कहा कि पंजाब की 450 से अधिक मंदिर समितियां भी श्री देवी तालाब मंदिर से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। ऐसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर पत्थरबाजी, हंगामा और तोड़फोड़ की घटना बेहद निंदनीय है और इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग 

घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। संत समाज और मंदिर प्रबंधन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है।