पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, चन्नी गुट

पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, चन्नी गुट और भूपेश बघेल की बैठक टली

पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, चन्नी गुट और भूपेश बघेल की बैठक टली

सूत्रों के अनुसार, चन्नी गुट ने बैठक के लिए दो प्रमुख शर्तें रखी थीं

कांग्रेस भवन में न हो बैठक और राजा वड़िंग बैठक में मौजूद न रहें

शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते बैठक स्थगित की गई

बड़ा फैसला लेने से पहले केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करना चाहते हैं

पंजाब डेस्क

पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब आठ महीने पहले कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के गुट तथा पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल के बीच प्रस्तावित बैठक फिलहाल टाल दी गई है। बैठक टलने के पीछे चन्नी गुट की कुछ शर्तों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, चन्नी गुट ने बैठक के लिए दो प्रमुख शर्तें रखी थीं। पहली, बैठक कांग्रेस भवन में न हो और दूसरी, राजा वड़िंग बैठक में मौजूद न रहें। बताया जा रहा है कि इन शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते बैठक स्थगित करनी पड़ी।

राहुल से सीधे मुलाकात की तैयारी

चन्नी के करीबी नेताओं का कहना है कि वह दिल्ली में सीधे राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि विधानसभा चुनाव में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाती है, तो उस पर अंतिम फैसला और स्वीकृति सीधे राहुल गांधी की होनी चाहिए। इसी कारण वह फिलहाल कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेने से पहले केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करना चाहते हैं।

वड़िंग की बढ़ी राजनीतिक पकड़

कांग्रेस हाईकमान की ओर से मतभेद खत्म करने की कोशिशों के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी ने अब तक भूपेश बघेल से मुलाकात नहीं की है। बघेल पिछले चार दिनों से चंडीगढ़ में डेरा डाले हुए हैं और उनका दौरा भी बढ़ाया जा सकता है। दूसरी ओर, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग लगातार संगठन में अपनी सक्रियता और प्रभाव का प्रदर्शन कर रहे हैं। बघेल भी पार्टी नेताओं से लगातार मुलाकात कर हाईकमान के फैसलों को मजबूती देने की कोशिश में जुटे हैं।