पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल, यात्रियों की बढ़ी परेशानी, यूनियन के साथ बैठक बुलाई
पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल, यात्रियों की बढ़ी परेशानी, यूनियन के साथ बैठक बुलाई
पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं
लोकल के साथ दूसरे राज्यों को जाने वाले रूटों पर भी देखने को मिल रहा हड़ताल का असर
लंबे समय से कोई फैसला नहीं लिया, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है
पंजाब में 2,900 से ज्यादा सरकारी बसें, इनमें 1,694 बसें रोडवेज व 1,304 बसें PRTC की हैं
पंजाब में 3 अगस्त को सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कई सरकारी बसों के पहिए थम गए हैं। हड़ताल का असर लोकल के साथ-साथ दूसरे राज्यों को जाने वाले रूटों पर भी देखने को मिल रहा है। पीआरटीसी अकेले 577 से ज्यादा रूटों पर बस सेवा देती है। यात्रियों की परेशानी को देखते पंजाब सरकार ने यूनियन के साथ बैठक बुलाई है।
कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक
परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा सुबह 10 बजे कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक करेंगे। यूनियन प्रधान रेशम सिंह गिल का कहना है कि कच्चे कर्मचारियों की मांगों पर लंबे समय से कोई फैसला नहीं लिया गया, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
1000 से ज्यादा रूट प्रभावित
पंजाब में 2,900 से ज्यादा सरकारी बसें हैं। इनमें करीब 1,694 बसें पंजाब रोडवेज/पनबस और 1,304 बसें पीआरटीसी की हैं। ये बसें 1,000 से ज्यादा लोकल और अंतरराज्यीय रूटों पर चलती हैं। पंजाब के अलावा सरकारी बसें दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश तक जाती हैं।
नौकरीपेशा की बढ़ी मुश्किल
सरकारी बसों में रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और महिलाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री की मुफ्त बस यात्रा योजना के तहत सरकारी बसों में सफर करने वाली महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा है।