राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने काले कपड़े पहन जताया विरोध, शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की
राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने काले कपड़े पहन जताया विरोध, शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की
नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों और सांसदों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ संसद में मोर्चा
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुआई में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचे
विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर सरकार से छात्रों के साथ संवाद की मांग की
सवाल है क्या मंत्री के पास सरकार के ऐसे गहरे दबे राज़ हैं, जिसके डर से उन्हें हटाया नहीं जा रहा?
नई दिल्ली
NEET एग्जाम पेपर लीक मामले में विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है. विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख कड़ा कर लिया है। संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगी दल के सांसदों ने काले कपड़े और काली पट्टियां बांधकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा। संसद परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोस विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य INDIA गठबंधन के सांसदों ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की.
जिम्मेदारी लेकर पद से दें इस्तीफा
संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमें सोचना होगा कि सरकार अपने मंत्री (शिक्षा मंत्री) को पद से हटाने में असमर्थ क्यों है? सरकार पर किस तरह का दबाव है? क्या मंत्री के पास सरकार के ऐसे गहरे दबे हुए राज़ हैं, जिसके डर से उन्हें हटाया नहीं जा रहा? सरकार डरी हुई और बैकफुट पर दिख रही है।” विपक्ष की मुख्य मांग है कि इस राष्ट्रीय परीक्षा घोटाले पर दोनों सदनों में अलग से विस्तृत चर्चा कराई जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दें.
लाठीचार्ज के विरोध में ‘ब्लैक ड्रेस’
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों और सांसदों पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया था, जिसके विरोध में सभी सांसद काले कपड़े पहनकर आए हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार अपना हठ छोड़कर युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद करे और पूरी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करे. वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर भारी आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नेम टैग वाले लोगों ने आकर छात्रों पर हमला किया. प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया कि छात्रों पर हुई इस बर्बरता पर विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष क्याें चुप बैठे रहे।