लुधियाना में स्कूल वैन की चपेट में आने से ढाई साल के मासूम की मौ’त,
लुधियाना में स्कूल वैन की चपेट में आने से ढाई साल के मासूम की मौ’त, बहन को छोड़ने आया था घर के बाहर
स्थानीय लोगों का आरोप है चालक वाहन रोकने के बजाय मौके से निकल गया
पास के गांव के पास वैन को रोका और चालक को पुलिस के हवाले कर दिया
पकड़े जाने पर चालक ने खुद को निर्दोष बताया, इससे लोगों में बढ़ी नाराजगी
पुलिस चालक के लाइसेंस, वाहन के दस्तावेज, अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही
लुधियाना
लुधियाना के कोहाड़ा क्षेत्र के गांव शालू (बेनी) में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ढाई वर्षीय मासूम समरदीप की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब वह अपनी मां के साथ बड़ी बहन को स्कूल वैन में बैठाने के लिए घर के बाहर आया था। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि चालक वाहन रोकने के बजाय मौके से निकल गया। लोगों ने उसका पीछा कर नजदीकी गांव के पास वैन को रोक लिया और चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पकड़े जाने पर चालक ने खुद को निर्दोष बताया इस पर लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
पुलिस ने चालक को हिरासत में लिया
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सात बजे BITS स्कूल की वैन बच्चों को लेने पहुंची थी। इसी दौरान वैन आगे बढ़ी और मासूम उसकी चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वैन के आगे और पीछे दोनों पहिए बच्चे के ऊपर से गुजर गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि स्कूल वैन चला रहा युवक करीब 19 साल का है और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। हालांकि पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस चालक के लाइसेंस, वाहन के दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल
हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन और चालक की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं मिला या लापरवाही साबित हुई तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।