जालंधर को बड़ा झटका
नई व्यवस्था 16 जून से अमृतसर और 17 जून से कटड़ा से लागू हो जाएगी
दूसरी ओर अब ट्रेन मंगलवार के बजाय शनिवार को संचालित नहीं होगी
बेहतर यात्री संख्या और परिचालन जरूरतों को देखते यह निर्णय लिया है
वहीं पहली बार गुरदासपुर और बटाला के यात्रियों को सीधी सुविधा मिलेगी
पंजाब डेस्क
श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रेस का मार्ग बदल दिया गया है। अब यह ट्रेन जालंधर सिटी और ब्यास स्टेशन की बजाय गुरदासपुर और बटाला होकर संचालित होगी। रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था 16 जून से अमृतसर और 17 जून से कटड़ा से लागू हो जाएगी। मार्ग परिवर्तन के साथ ट्रेन का नॉन-रनिंग डे भी बदल दिया गया है। अब यह ट्रेन मंगलवार के बजाय शनिवार को संचालित नहीं होगी। सूत्रों का मानना है कि बेहतर यात्री संख्या और परिचालन जरूरतों को देखते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। हालांकि इस संबंध में रेलवे अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जालंधर सिटी और ब्यास स्टेशन ट्रेन के मार्ग से बाहर
इस फैसले से जालंधर, कपूरथला और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को झटका लगा है, क्योंकि फिलहाल यह वंदे भारत एक्सप्रेस जालंधर सिटी स्टेशन पर ठहरती थी। नए रूट के लागू होने के बाद जालंधर सिटी और ब्यास स्टेशन ट्रेन के मार्ग से बाहर हो जाएंगे। रेलवे के आधिकारिक आदेश में रूट बदलने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार जालंधर सिटी स्टेशन से इस ट्रेन को अपेक्षित संख्या में यात्री नहीं मिल रहे थे। कई फेरों में सीटों की ऑक्यूपेंसी उम्मीद से कम दर्ज की गई, जबकि गुरदासपुर और बटाला के लोग लंबे समय से इस ट्रेन की मांग कर रहे थे।
पहली बार गुरदासपुर व बटाला के यात्रियों को सुविधा
नए शेड्यूल के अनुसार ट्रेन संख्या 26406 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा-अमृतसर वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 6:40 बजे कटड़ा से रवाना होकर जम्मूतवी, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला होते हुए दोपहर 11:40 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वहीं ट्रेन संख्या 26405 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस शाम 4:40 बजे अमृतसर से चलकर बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मूतवी के रास्ते रात 9:45 बजे कटड़ा पहुंचेगी। पहली बार गुरदासपुर और बटाला क्षेत्र के यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रेस की सीधी सुविधा मिलेगी। वहीं जालंधर और आसपास यात्रियों को अब इस ट्रेन का लाभ लेने के लिए अन्य स्टेशनों का सहारा लेना पड़ सकता है।