जालंधर में कूड़े के ढेर देख भड़के सांसद चन्नी, DC-CP नहीं मिले तो पंजाब सरकार पर बरसे
अगले 8 साल के लिए सफाई का ठेका बाहर की कंपनी को
जिस कंपनी को ठेका दिया, अभी तक टेंडर पूरा नहीं हुआ
वेस्ट हलके में नहीं हो रही पानी और सीवरेज की निकासी
जगह-जगह जलभराव होने से बीमारियों का खतरा बढ़ा
अगर अफसर हाजिर न हुए तो स्पीकर को लिखेंगे चिट्ठी
जालंधर
जालंधर शहर इस समय कूड़े के ढेर से परेशान है, हर सड़क और गली मोहल्ले में कूड़ा देखने को मिल रहा है। इसी सिलसिले में जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह से मिलने पहुंचे पर दोनों ही अधिकारी इस दौरान मौजूद नहीं रहे। जिसके बाद चन्नी ने पंजाब सरकार को लेकर निशाना साधा। सांसद चन्नी ने सफाई को लेकर कहा कि शहर में सफाई का बुरा हाल है। सफाई कर्मी दुखी होकर हड़ताल पर चले गए। सफाई का ठेका अगले 8 साल के लिए 608 करोड़ रुपए के लिए बाहर की कंपनी को दिया गया। मनीष सिसोदिया की कंपनी को यह ठेका दिया गया और अभी तक टेंडर पूरा नहीं हुआ। शहर में कूड़े के ढेर होने से बुरा हाल हो गया।
जालंधर के 9 विस हलकों में विकास का बुरा हाल
9 विधानसभा की डिवेल्पमेंट का बुरा हाल है। वेस्ट हलके में लोगों के घरों में पानी नहीं जा रहा, सीवरेज की निकासी नहीं हो रही। उन्होंने 2 ट्यूबवैल लगाने के लिए पैसे दिए गए, लेकिन ट्यबवैल लगाने की जगह नहीं दी जा रही। आदमपुर में सड़क और ओवरब्रिज के लिए पैसे मंजूर करवाए गए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा। केंद्र सरकार के पैसे नीचे की सड़क बनाने के लिए अभी लगाए है, लेकिन पानी की निकासी का हल नहीं हुआ। कैंट हलके में कूड़े के डंप को लेकर बुरा हाल है।
अगर अफसर पेश न हुए तो विस स्पीकर को चिट्ठी
सासंद चन्नी ने कहा कि इस दौरान डीसी और सीपी ऑफिस में नहीं मिले। दोनों अधिकारी मीटिंग में नहीं पहुंच रहे थे। जब वह मीटिंग के लिए पहुंचे तो दोनों अधिकारी किसी काम के सिलसिले में गए हुए थे। वह अहम मीटिंग को लेकर पहुंचे थे और सरकार ने छोटे अधिकारियों को मीटिंग में शामिल होने के लिए भेज दिया। अगर अफसर हाजिर न हुए तो वह स्पीकर को मामले को लेकर चिट्ठी लिखेंगे।
DA, पेंशन और डेवलपमेंट के पैसे नहीं दिए जा रहे
चन्नी ने कहाकि सरकार के पैसे कर्मियों को डीए देने के लिए पैसे नहीं है, पेंशन के पैसे नहीं दिए जा रहे। गांवों कि डेवेलपमेंट के लिए पैसे नहीं दिए जा रहे। जिसके कारण चौथे दिन यूनियन सड़कों पर प्रदर्शन कर रही है। हालांकि आप सरकार सत्ता में आने से पहले कहती थी उनकी सरकार आने पर धरने नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन जगह-जगह पर धरने लगाए जा रहे है। दिल्ली की कंपनियों को पंजाब के ठेके दिए जा रहे है। जगह-जगह पानी खड़े होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।