कपूरथला साइबर क्राइम पुलिस और फगवाड़ा सिटी पुलिस ने मिलकर किया खुलासा
रेड दौरान 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन तथा 10 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं
धोखाधड़ी के दायरे और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जानकारी के लिए और जांच जारी
अमरिंदर सिंह उर्फ साबी टोहरी ने होटल लीज पर लेकर अवैध कॉल सेंटर बनाया था
अमेरिका और कनाडा के लोगों को सॉफ़्टवेयर उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधड़ी
जालंधर/फगवाड़ा
फगवाड़ा के ताज विला होटल में पुलिस सुबह-सुबह रेड करने पहुंची। रेड के दौरान पुलिस ने 39 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि इस घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई अभी भी जारी है। कपूरथला साइबर क्राइम पुलिस और फगवाड़ा सिटी पुलिस ने मिलकर साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रेड के दौरान 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन तथा 10 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।
रेड में 40 लैपटॉप व 67 फोन बरामद
बड़े नेटवर्क और धन के लेन-देन के स्रोतों की जांच के लिए जांच जारी है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह रैकेट अमरिंदर सिंह उर्फ साबी टोहरी की तरफ से चलाया जा रहा था। अधिकारियों ने कहा कि धोखाधड़ी के दायरे और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जानकारी के लिए और जांच जारी है।
होटल को बना रखा था कॉल सेंटर
पुलिस जांच में सामने आया कि अमरिंदर ने होटल लीज पर लेकर इसे एक अवैध कॉल सेंटर बना रखा था। कॉल सेंटर की देखरेख जसप्रीत सिंह और साजन मदान (साऊथ एवेन्यू, नई दिल्ली) कर रहे थे। दोनों का सीधा संपर्क दिल्ली के एक व्यक्ति सूरज से मिला है, जो कोलकाता के शेन से जुड़ा हुआ है।
गिरोह के लोग करते थे धोखाधड़ी
पुलिस के मुताबिक गिरोह अमेरिका और कनाडा के लोगों को सॉफ़्टवेयर सामान उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था। इनके लेन-देन मुख्यतः बिटकॉइन के माध्यम से होते थे, जबकि हवाला चैनलों के जरिये भी पैसे ट्रांसफर किए जाते थे।