जालंधर में गोवंश से भरी दो पिकअप गाड़ियां पकड़ी गईं, एक चालक हिरासत में
जालंधर-पठानकोट बाईपास के पास देर रात करीब 3 बजे विश्व हिंदू परिषद और गौ रक्षा दल की टीमों ने गोवंश से भरी दो महिंद्रा पिकअप गाड़ियों को पकड़ लिया। दोनों वाहनों को तिरपाल से ढका गया था। टीम के मुताबिक, तिरपाल के जरिए गाड़ियों के अंदर ले जाए जा रहे गोवंश को छिपाने की कोशिश की गई थी।
गौरक्षक टीम के प्रतिनिधि इंदरजीत बिश्नू प्रसाद के अनुसार, टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि दो पिकअप गाड़ियों में गोवंश को भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब 2:30 बजे एक पिकअप को रोककर उसकी जांच की। इसी दौरान एक अन्य संदिग्ध पिकअप तेज रफ्तार से वहां से निकल गई।
टीम ने दूसरी गाड़ी का पीछा किया। बताया जा रहा है कि खुद को घिरता देख चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा करने के दौरान वाहन पहले दूसरी गाड़ी से टकराया और फिर सड़क किनारे लगे खंभे से जा भिड़ा। हादसे के बाद चालक गाड़ी छोड़कर भागने लगा, लेकिन गौ रक्षक टीम के सदस्यों ने उसे पकड़ लिया।
गौरक्षक टीम का आरोप है कि दोनों वाहनों में गोवंश को कथित तौर पर बेहद क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। टीम के मुताबिक, एक पिकअप से तीन बैल बरामद किए गए हैं, जबकि दूसरी गाड़ी की विस्तृत जांच की जा रही है। टीम ने यह भी दावा किया कि मौके पर पशुओं के परिवहन से संबंधित कोई वैध बिल या सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
टीम ने आरोप लगाया कि गोवंश को पठानकोट और जम्मू के इलाकों में अवैध कटाई और मांस की सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित थाने की पुलिस और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों को कब्जे में ले लिया और एक चालक को हिरासत में लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। फिलहाल बरामद गोवंश और हिरासत में लिए गए चालक से पूछताछ की जा रही है। साथ ही दोनों वाहनों के दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।