Allegations of assault and third-degree torture

सुनाम में सिख युवक से कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला गरमाया, NHRC तक पहुंची शिकायत

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 05 2026 12:51:44 PM

मुख्यमंत्री भगवंत मान के सुनाम दौरे के दौरान गांव शेरों में हुए सੱਥ कार्यक्रम के बाद सिख युवक मोह‍नजीत सिंह से कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।

सुनाम में सिख युवक से कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला गरमाया nhrc तक पहुंची शिकायत

 

सुनाम में सिख युवक से कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला गरमाया, NHRC तक पहुंची शिकायत

सुनाम: मुख्यमंत्री भगवंत मान के सुनाम दौरे के दौरान गांव शेरों में हुए सੱਥ कार्यक्रम के बाद सिख युवक मोह‍नजीत सिंह से कथित पुलिस प्रताड़ना का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। युवक के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न स्तरों से सवाल उठाए जा रहे हैं। अब यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक भी पहुंच गया है।

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह और भाजपा नेता तरुण चुघ ने NHRC को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस पर मारपीट और थर्ड-डिग्री टॉर्चर के आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जाने के बाद पुलिस कर्मचारियों ने मोह‍नजीत सिंह को छत से पकड़ लिया और करीब एक घंटे तक उसके साथ मारपीट की। शिकायत के मुताबिक, युवक ने आरोप लगाया है कि उसे चप्पल से भी पीटा गया और बाद में सुनाम पुलिस चौकी ले जाया गया।

शिकायत में पुलिस चौकी के अंदर कथित तौर पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें बिजली के झटके देने, पैरों को जबरदस्ती खींचने और मारपीट के दौरान दाढ़ी व बाल खींचने जैसे आरोप शामिल हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि चोटों पर नमक छिड़का गया।

जबरन नशा करवाने और डोप टेस्ट का भी आरोप

मामले में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि मोह‍नजीत सिंह को पुलिस हिरासत के दौरान कथित तौर पर जबरदस्ती नशा करवाया गया और बाद में उसका डोप टेस्ट कराया गया। शिकायत के अनुसार, टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके खिलाफ नशा करने के आरोप में FIR दर्ज की गई।

पंजाब कांग्रेस की ओर से इस FIR की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायत में पुलिस से युवक की गिरफ्तारी, हिरासत के दौरान उसके साथ हुए व्यवहार, मेडिकल जांच, डोप टेस्ट और FIR से संबंधित पूरी रिपोर्ट तलब करने की मांग की गई है।

इसके अलावा CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, मेडिकल और MLR रिकॉर्ड, डोप टेस्ट रिपोर्ट, पुलिस रिकॉर्ड और कॉल रिकॉर्ड सहित अन्य संभावित सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।

प्रताप बाजवा ने की स्वतंत्र जांच की मांग

प्रताप सिंह बाजवा ने NHRC से मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए स्वतंत्र जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कथित तौर पर घटना में शामिल DSP और अन्य पुलिस कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने तथा मोह‍नजीत सिंह और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी रखी है।

तरुण चुघ बोले- NHRC तुरंत करे हस्तक्षेप

भाजपा नेता तरुण चुघ ने भी NHRC से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने युवक के आरोपों का हवाला देते हुए इसे कथित अमानवीय पुलिस प्रताड़ना का गंभीर मामला बताया।

उन्होंने NHRC से मामले का suo motu cognizance लेने, स्वतंत्र तथ्य-जांच टीम को गांव शेरों और संबंधित पुलिस स्टेशन भेजने तथा कथित रूप से शामिल DSP समेत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

साथ ही मोह‍नजीत सिंह और उसके परिवार को सुरक्षा देने तथा आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

फिलहाल मामले में लगाए गए पुलिस प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

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