नूरमहल में छिंज मेले की कमेटी में पैसों के हिसाब को लेकर विवाद, चेयरमैन और प्रधान आमने-सामने
जालंधर के नूरमहल में आयोजित छिंज मेले के दौरान कमेटी के अंदर पैसों के हिसाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विवाद लोगों से कथित तौर पर इकट्ठा की गई रकम के हिसाब को लेकर शुरू हुआ, जिसके बाद छिंज कमेटी के चेयरमैन और प्रधान आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज तक की नौबत आ गई।
बताया जा रहा है कि छिंज प्रतियोगिता में दिए जाने वाले इनामों को स्थानीय लोग स्पॉन्सर करते हैं। इसी को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दानदाताओं से इकट्ठा होने वाली रकम कहां खर्च की जाती है और उसका पूरा हिसाब क्यों उपलब्ध नहीं है।
कैशियर ने लगाए गंभीर आरोप
कमेटी के कैशियर ने आरोप लगाया कि प्रधान की ओर से इकट्ठा किया गया कैश कमेटी के खर्चों में दर्ज नहीं किया जाता। आरोप के मुताबिक, इस साल प्रथम पुरस्कार के तौर पर दी जाने वाली ऑल्टो कार के स्पॉन्सर से करीब 5 लाख रुपये लिए गए, लेकिन विजेता को कथित तौर पर सिर्फ 2 लाख रुपये दिए गए। बाकी 3 लाख रुपये का हिसाब नहीं बताया गया।
कैशियर ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों से पैसे इकट्ठा करने के लिए पुरानी रसीदों की कॉपियों का इस्तेमाल किया जाता है और इन रसीदों का कमेटी के पास कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
छिंज मैदान में आमने-सामने हुए चेयरमैन और प्रधान
इन्हीं आरोपों और पैसों के हिसाब को लेकर रविवार को छिंज मैदान में कमेटी के चेयरमैन सुरिंदर शर्मा और प्रधान के बीच विवाद हो गया। दोनों के बीच हुई बातचीत देखते ही देखते गाली-गलौज तक पहुंच गई।
चेयरमैन सुरिंदर शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रधान ने लखदाता के नाम पर आयोजित होने वाले इस खेल को कथित तौर पर धंधा बना दिया है और उन्होंने प्रधान को पद से हटाने की मांग की।
वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने चेयरमैन के साथ कथित तौर पर की गई गाली-गलौज पर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि सुरिंदर शर्मा कमेटी के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं और वरिष्ठ नागरिक भी हैं।
अब स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि छिंज कमेटी से दानदाताओं और लोगों से इकट्ठा की गई रकम का पूरा हिसाब लिया जाए, ताकि इन आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। इन आरोपों पर कमेटी के दूसरे पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।