पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चन्नी को लगातार दूसरे साल मिलेगा ‘संसद रत्न अवॉर्ड’
संसद की कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष
बीते वर्ष लोकसभा में व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर यह पुरस्कार दिया गया था
इस बार यह उपलब्धि उनकी पूरी संसदीय समिति के अव्वल प्रदर्शन पर मिली है
समिति ने देश की सभी कमेटियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया
संसदीय व्यवस्था और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने एक बार फिर अपनी प्रशासनिक व विधायी क्षमता का लोहा मनवाया है। संसद की कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में चन्नी को प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न अवॉर्ड’ के लिए चुना गया है। खास बात यह है कि उन्हें यह सम्मान लगातार दूसरे साल मिल रहा है। बीते वर्ष उन्हें लोकसभा में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर यह पुरस्कार दिया गया था, जबकि इस बार यह उपलब्धि उनकी अगुवाई वाली पूरी संसदीय समिति के अव्वल प्रदर्शन के आधार पर मिली है।
देश की संसदीय कमेटियों की दौड़ में अव्वल रही समिति
इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए सांसद Charanjit Singh Channi ने बताया कि संसद की विभिन्न स्थायी समितियों के कामकाज, कार्यकुशलता और जनहित के मुद्दों पर की गई बैठकों के आधार पर एक प्रतिस्पर्धी मूल्यांकन किया गया था। इस प्रक्रिया में उनकी अध्यक्षता वाली कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण समिति ने देश की अन्य सभी कमेटियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। इसी राष्ट्रीय उपलब्धि के तहत समिति के सभापति होने के नाते उन्हें इस सर्वोच्च संसदीय सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के प्रति समर्पित प्रयास
Charanjit Singh Channi ने इस सम्मान का कहा, “यह सिर्फ मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि समिति में शामिल सभी दलों के सांसदों, अधिकारियों और विशेषज्ञों के साझे प्रयासों का नतीजा है। हमारी समिति ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसानों की समस्याओं और जमीनी चुनौतियों को सीधे संसद के पटल तक पहुंचाने का काम किया है।” इस तरह के पुरस्कार केवल सराहना के लिए नहीं होते, बल्कि अपने साथ एक बड़ी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी लाते हैं। आने वाले दिनों में भी ग्रामीण अंचल के विकास के लिए आवाज मजबूती से उठाई जाती रहेगी।