पंजाब में मंडराया बिजली संकट! थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी; लगेंगे कट
सरकारी थर्मल प्लांट के पास 8 से 10 दिन का ही कोयला बचा
आने वाले दिनों में बिजली के बड़े कट देखने को मिल सकते हैं
तीन दिन बाद निजी प्लांट में उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है
केंद्रीय पूल से करीब 11,100 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ रही
पंजाब पर बिजली का संकट मंडराने लगा है। क्योंकि प्राइवेट थर्मल प्लांट के पास सिर्फ 3 दिन का और सरकारी थर्मल प्लांट के पास 8 से 10 दिन का ही कोयला बचा है। खुद बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने इसकी जानकारी दी है। जिससे साफ जाहिर होता है कि पंजाब में आने वाले दिनों में बिजली के बड़े-बड़े कट देखने को मिल सकते हैं।
पंजाब के 2 सरकारी थर्मल प्लांट की 2 यूनिट बंद हैं
थर्मल प्लांट पहले ही आधी क्षमता पर चल रहे हैं। अगर समय पर कोयला न मिला तो तीन दिन बाद प्राइवेट थर्मल प्लांटों में बिजली उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है। इससे लोगों को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। आज भी पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांटों के दो यूनिट बंद हैं।
पंजाब में 15 हजार मेगावाट पहुंची बिजली की मांग
पंजाब में बिजली की मांग करीब 15,900 मेगावाट है, जबकि राज्य में बिजली का उत्पादन 4,862 मेगावाट का ही हो रहा है। बाकी मांग पूरी करने के लिए पावरकॉम को केंद्रीय पूल से करीब 11,100 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ रही है। जिससे सरकार पर वित्तीय भार पड़ रहा है।