DA को लेकर पंजाब सरकार आई सामने, वित्तमंत्री बोले – हम कर्मचारियों को देश में सबसे ज्यादा सैलरी दे रहे
हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से ज्यादा वेतन
गुजरात के कर्मचारियों की तुलना में पंजाब में करीब 28 फीसदी ज्यादा वेतन
सरकार-कर्मचारी एक-दूसरे का हिस्सा, बातचीत से ही हल निकालना चाहिए
कर्मचारी भाइयों से हाथ जोड़ अपील, उनके बिना सरकार चलाना संभव नहीं
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि बेसिक वेतन और DA को मिलाकर पंजाब के कर्मचारियों का वेतन हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से ज्यादा है। पंजाब सरकार की तरफ से DA को लेकर प्रैस कॉन्फ्रैंस की गई। इसमें हरपाल चीमा, बलजीत कौर और अमन अरोड़ा मौजूद रहे। कहा सरकार पहले से ही कर्मचारियों को देश में सबसे ज्यादा सैलरी दे रही है और अपने रेवेन्यू का 51 फीसदी हिस्सा खर्च कर रही है। गुजरात के कर्मचारियों की तुलना में पंजाब के कर्मचारियों को करीब 28 फीसदी ज्यादा वेतन मिलता है।
DA को लेकर गलत जानकारियां दी जा रही हैं
चीमा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां DA को लेकर गलत जानकारी फैला रही हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार बनी थी, तब कर्मचारियों को 28% DA मिलता था। अक्टूबर में इसे बढ़ाकर 34%, दिसंबर 2023 में 38% और नवंबर 2024 में 42% किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद DA को लेकर गलत बातें फैलाई जा रही हैं। सरकार कर्मचारियों का हिस्सा है और कर्मचारी सरकार का, इसलिए बातचीत से समाधान निकालना चाहिए।
2016 से 2021 तक है बकाया : हरपाल चीमा
चीमा ने कहा कि करीब ₹14,191 करोड़ का बकाया 2016 से 2021 के बीच का है, जब पंजाब में कांग्रेस और अकाली-भाजपा की सरकारें थीं। यह पुराना बकाया अब पंजाब सरकार चुका रही है। सरकार ने हाईकोर्ट में लिक्विडेशन प्लान भी दाखिल किया था, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया था। अब तक ₹4,500 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनरों को दिए जा चुके हैं।
बातचीत ही समस्या का समाधान : मंत्री अरोड़ा
वहीं इस मामले पर मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की अपनी मांगें सही हो सकती हैं, लेकिन विपक्षी दल जिस तरह से झूठ बोल रहे हैं, वह गलत है। जब वेतन आयोग शुरू हुआ था, उस समय सरकार किसकी थी, यह भी देखना चाहिए। उन्होंने कर्मचारी भाइयों से हाथ जोड़कर अपील की कि उनके बिना सरकार चलाना संभव नहीं है।