It is important to understand the ₹2,000 limit.

UPI भुगतान को लेकर बड़ा अपडेट, ₹2,000 की सीमा को समझना जरूरी

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 16 2026 11:29:19 AM

UPI भुगतान को लेकर बड़ा अपडेट, ₹2,000 की सीमा को समझना जरूरीअगर आप UPI के जरिए भुगतान करते हैं, तो ₹2,000 की सीमा से जुड़े नए नियम को समझना जरूरी है।

upi भुगतान को लेकर बड़ा अपडेट ₹2000 की सीमा को समझना जरूरी

UPI भुगतान को लेकर बड़ा अपडेट, ₹2,000 की सीमा को समझना जरूरी

अगर आप UPI के जरिए भुगतान करते हैं, तो ₹2,000 की सीमा से जुड़े नए नियम को समझना जरूरी है। केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2026 को एक नया गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें ₹2,000 तक के UPI लेनदेन को शुल्क-मुक्त इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के रूप में नामित किया गया है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर अब ग्राहकों से कोई नया शुल्क लिया जा रहा है। फिलहाल किसी भी UPI भुगतान पर ग्राहकों के लिए कोई नई फीस लागू नहीं की गई है। बदलाव मुख्य रूप से कानूनी प्रावधानों से जुड़ा है, जिसके तहत ₹2,000 से अधिक के लेनदेन को पहले वाली शुल्क-संबंधी सुरक्षा से बाहर किया गया है।

₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर 0.4% MDR

NPCI के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क व्यापारी स्तर पर लागू होता है और इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को भुगतान करते समय अतिरिक्त 0.4 प्रतिशत देना होगा।

₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन निर्धारित की गई है। यह शुल्क भुगतान व्यवस्था से जुड़े विभिन्न भागीदारों, जैसे बैंक और ऐप प्रदाताओं के बीच साझा किया जाएगा।

₹2,000 तक के UPI भुगतान पर MDR शून्य

नए प्रावधानों के तहत ₹2,000 तक के UPI व्यापारी लेनदेन पर MDR शून्य रहेगा। NPCI के मुताबिक, 95 प्रतिशत से अधिक UPI P2M लेनदेन ₹2,000 की सीमा के भीतर आते हैं। यानी छोटे UPI भुगतानों पर मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

ग्राहकों से अलग से MDR लेने की अनुमति नहीं

NPCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि UPI ऐप प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों से अलग से प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क नहीं लिए जाएंगे। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि MDR की लागत सीधे ग्राहकों से न वसूली जाए।

इसलिए फिलहाल UPI से भुगतान करने वाले आम ग्राहकों के लिए ₹2,000 से ज्यादा भुगतान करने पर कोई अलग MDR चार्ज नहीं लगाया गया है। नए प्रावधान मुख्य रूप से व्यापारी लेनदेन पर लागू MDR व्यवस्था से संबंधित हैं।

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