मानसा के सतनाम सिंह ने एशियन गेम्स में जीता कांस्य पदक, रोइंग में देश का बढ़ाया मान
मानसा जिले के फत्ता मालोका गांव के रहने वाले रोइंग खिलाड़ी सतनाम सिंह ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर अपने जिले और देश का नाम रोशन किया है।
जापान के आइची-नागोया में स्थित नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स में आयोजित रोइंग प्रतियोगिता के पुरुष डबल स्कल्स मुकाबले में सतनाम सिंह और उनके साथी सलमान खान ने तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय जोड़ी ने 6 मिनट 13.25 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
छठी कक्षा से शुरू की थी रोइंग
सतनाम सिंह के परिवार के अनुसार, उन्हें बचपन से ही खेलों में काफी रुचि थी। उन्होंने छठी कक्षा में रोइंग की शुरुआत की थी। शानदार प्रदर्शन के बाद उनका चयन रोपड़ स्थित रोइंग अकादमी के लिए हुआ।
इसके बाद सतनाम सिंह ने कड़ी मेहनत जारी रखी और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। परिवार के मुताबिक, चीन में आयोजित प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने देश का नाम रोशन किया था और अब जापान में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर एक और उपलब्धि हासिल की है।
सुबह फोन कर परिवार को दी पदक जीतने की जानकारी
सतनाम सिंह के पिता अमरीक सिंह ने बताया कि आज सुबह उनके बेटे का फोन आया और उसने तीसरे स्थान पर रहने की जानकारी दी। यह खबर सुनकर पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।
अमरीक सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने बताया कि मानसा जिले में रोइंग खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं नहीं हैं। इसके बावजूद जिले के कई खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है।
उन्होंने कहा कि सुविधाओं की कमी के कारण खिलाड़ियों और उनके परिवारों में निराशा भी है।
सेना के बाद नेवी में शामिल हुए सतनाम
सतनाम सिंह के पिता ने बताया कि उनका बड़ा बेटा भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है। बड़े भाई से प्रेरित होकर सतनाम सिंह भी खेलों की ओर आगे बढ़े और बाद में भारतीय नौसेना में शामिल हो गए। उन्होंने अपने दोनों बेटों पर गर्व जताया।
परिवार ने प्रशासन पर जताई नाराजगी
सतनाम सिंह की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के बाद परिवार ने प्रशासन और सरकार को लेकर भी नाराजगी जताई। परिवार का कहना है कि पदक जीतने के बावजूद अभी तक किसी प्रशासनिक अधिकारी या सरकारी प्रतिनिधि ने फोन कर उन्हें बधाई नहीं दी।
परिवार ने कहा कि अगर प्रशासन या सरकार की ओर से बधाई मिलती तो उनकी खुशी और भी बढ़ जाती।
सतनाम सिंह की इस उपलब्धि से फत्ता मालोका गांव और मानसा जिले में खुशी का माहौल है। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनकी इस सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।