ये डॉक्टर नहीं हैं, ये बहू-बेटियों को मार रहे हैं...प्रकृति अस्पताल पर लापरवाही के आरोप! महिला व गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत
गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग
महिला की सास ने कहा-डिलीवरी से पहले बिल्कुल ठीक थी
ऑपरेशन थिएटर के अंदर जाकर उन्होंने घोर लापरवाही की
बच्चे को न सही बहू को तो बचा लेते, बहुत बड़ा नुकसान है
दो डॉक्टर हिरासत में, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार : ADCP
जालंधर
जालंधर कैंट के प्रकृति अस्पताल में एक महिला और गर्भ में पल रहे उसके बच्चे की मौत हो गई है। मृतका की पहचान रिंपी के रूप में हुई है। महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही थाना कैंट की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। फिलहाल महिला की मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है।
दो डॉक्टर हिरासत में, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू की। इसके बाद एडीसीपी सिटी-2 माधवी शर्मा भी मौके पर पहुंचीं। एडीसीपी सिटी-2 माधवी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल के दो डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
डिलीवरी पर बच्चे को न सही बहू को तो बचा लेते
महिला की सास ने कहा कि यहां कोई डॉक्टर नहीं है। ये तो ज़िंदा लोगों की बहु-बेटियों और लड़कियों को मार रहे हैं। हमारी बहू हंसती-खेलती हमारे पास से अंदर ऑपरेशन थिएटर के अंदर गई थी। वह बातें करती हुई गई थी। पहले उसने फोन करके कपड़े मंगवाए, डायपर भी मंगवाए बच्चों के। मैंने सब कुछ खरीद कर भिजवा दिया। जब हम लौटकर आए, तो वह बहुत अच्छे से बैठी थी और लेटी हुई हंस रही थी। मैंने पूछा कि ठीक हो, तो उसने कहा कि हां ठीक हूं। उसकी जान चली गई, यह हमारा बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
ऑपरेशन थिएटर में जाकर लापरवाही की गई है
महिला ने आगे कहा कि ऑपरेशन थिएटर अंदर जाकर उन्होंने लापरवाही की है। 10 मिनट पहले ही तो उसे अंदर ले गए थे, इतनी जल्दी क्या हो गया? जब नब्ज़ घटने लगी, तो वे मेरे सामने ग्लूकोज और टीके लेकर गए। जब टीके लगाए, तब वह बेहोश हो गई।” जब हम दूसरे अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने अंदर जाते ही चेक किया। थोड़ी देर बाद उन्होंने बताया कि सब खत्म हो चुका है। मां और बच्चा, दोनों जी (जान) की मौत हो चुकी है। हमें इंसाफ चाहिए। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन भड़क गए और उन्होंने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।