पंजाब-चंडीगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून, आज 14 जिलों में छिटपुट बौछारों के बाद बढ़ेगी उमस
आने वाले दिनों में बारिश का कोई बड़ा स्पेल देखने को नहीं मिलेगा
चंडीगढ़ में तो दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी
24 घंटों में अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज
ऊपरी स्तर पर सिस्टम बनने से हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी
पिछले कुछ दिनों से पंजाब और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में हो रही रिमझिम बारिश का दौर अब सुस्त पड़ने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने संकेत दिए हैं कि आज राज्य के 14 जिलों में हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं। हालांकि, इसके बाद आने वाले दिनों में बारिश का कोई बड़ा स्पेल देखने को नहीं मिलेगा, जिससे हवा में नमी और धूप के मेल से अचानक गर्मी और उमस बढ़ सकती है। चंडीगढ़ की बात करें तो दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में राज्य के औसतन अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। ऊपरी स्तर पर एक और सिस्टम बन रहा है, जिससे हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है।
धूप खिलने से करना पड़ेगा पसीने वाली गर्मी का सामना
मौसम विभाग के अनुसार पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। इनके अलावा अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, संगरूर और मानसा के छिटपुट स्थानों पर भी बूंदाबांदी हो सकती है। चंडीगढ़ में भारी बारिश की संभावना तो कम है, लेकिन धूप से लोगों को पसीने वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
तापमान सामान्य के पार, बठिंडा में सबसे ज्यादा तपन
फिलहाल पारा सामान्य के आसपास बना हुआ है। बीते दिन बठिंडा 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि चंडीगढ़ में पारा 34.4 डिग्री दर्ज किया गया। रविवार को रूपनगर में 4.5 मिमी, पठानकोट में 7.5 मिमी, होशियारपुर में 3 मिमी और लुधियाना, फिरोजपुर व बठिंडा में मामूली बारिश दर्ज की गई। अमृतसर में भी बादल बरसे, लेकिन उसका सटीक डेटा दर्ज नहीं हो सका।
34 प्रतिशत कम बरसा मानसून, पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय
इस मानसून सीजन में पंजाब में बादलों की बेरुखी साफ नजर आ रही है। राज्य में अब तक महज 256.2 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा 385.8 मिमी होना चाहिए था। यानी पंजाब में इस बार 34 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून टर्फ फिलहाल पंजाब के करीब से गुजर रही है और कश्मीर के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है।