पंजाब बंद का मिलाजुला असर, कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर कई जगह बाजार बंद, हाईवे जाम, स्कूलों में छुट्टी
जालंधर और खरड़ में बाजार बंद रहे, जबकि खरड़-चंडीगढ़ हाईवे किया बंद
हिमाचल से चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाली कई बसों को खरड़ में ही रोक दिया
दूसरी ओर यात्रियों को बसों से उतरकर सामान के साथ पैदल आगे जाना पड़ा
हाईवे पर जाम में एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे लोगों की मदद से बाहर निकाला
जालंधर के ज्योति चौक समेत कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं व सड़कें सुनसान
वहीं, अमृतसर में बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्री भी परेशान नजर आए
बंद से बाजार, शिक्षण संस्थानों, परिवहन और यातायात पर असर देखने को मिला
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सुरक्षा, RAF और CRPF के जवान तैनात किए गए हैं
पंजाब डेस्क
पंजाब में कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद का मिला जुला असर देखने को मिला। जालंधर और खरड़ में बाजार बंद रहे, जबकि खरड़-चंडीगढ़ हाईवे को भी बंद किया गया। खरड़-चंडीगढ़ हाईवे बंद होने के कारण हिमाचल से चंडीगढ़ और दिल्ली जाने वाली कई बसों को खरड़ में ही रोक दिया गया। यात्रियों को बसों से उतरकर सामान के साथ पैदल आगे जाना पड़ा। हाईवे पर लगे जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसे लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।
दुकानें बंद और सड़कें सुनसान नजर आईं
जालंधर के ज्योति चौक समेत कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं और सड़कें सुनसान नजर आईं। अमृतसर में बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्री परेशान नजर आए। हालांकि लुधियाना में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। चौड़ा बाजार और रेलवे स्टेशन रोड पर कुछ दुकानें बंद रहीं, जबकि बाद दोपहर कुछ दुकानदार दुकानें खोलने की तैयारी में दिखे। बंद से बाजार, शिक्षण संस्थानों, परिवहन और यातायात पर असर देखने को मिला।
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को इनका समर्थन
कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को SGPC, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), अकाली दल (वारिस पंजाब दे), दल खालसा, हवारा कमेटी समेत विभिन्न पंथक और किसान-मजदूर संगठनों का समर्थन मिला है। चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। यहां पुलिस के साथ RAF और CRPF के जवान तैनात किए गए हैं।
क्या हैं कौमी इंसाफ मोर्चा की प्रमुख मांगें?
मोर्चा की मुख्य मांगों में बंदी सिखों की रिहाई, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल, 15 अगस्त को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध और उस दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई शामिल है। इन मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है।