सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में एक्शन, MCD ने पूरी दिल्ली की इमारतों की जांच के दिए आदेश
दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया
एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को 10 तक रिपोर्ट देने के निर्देश
कईं पुरानी इमारतें ज्यादा भार उठाने को तैयार नहीं थीं
इस हादसे ने सुरक्षा पर फिर से गंभीर सवाल खड़े किए
जुटाई गई जानकारी दाखिल हलफनामे में शामिल होगी
इस साल की शुरुआत में 27, 84, 286 इमारतों का सर्वे
नई दिल्ली
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम यानी MCD ने बड़ा कदम उठाया है। MCD ने पूरी दिल्ली में इमारतों की जांच के आदेश जारी किए हैं। सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों में इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट के मुताबिक, दिल्ली की कई पुरानी इमारतें अतिरिक्त मंजिलों का भार उठाने के हिसाब से तैयार नहीं की गई थीं। ऐसे में सत्य निकेतन हादसे ने सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल होगा हलफनामा
MCD की ओर से इमारतों के निरीक्षण के दौरान जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा। इस मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। MCD के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में करीब 27 लाख 84 हजार 286 इमारतों का सर्वे किया गया था। इनमें से सिर्फ 19 इमारतों को खतरनाक पाया गया था।
सत्य निकेतन में 300 मकान, 170 में PG
सत्य निकेतन इलाके में करीब 300 मकान हैं, जिनमें लगभग 170 मकानों में PG संचालित होने की बात सामने आई है। यह इलाका मूल रूप से 1965 से 1970 के बीच झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए बसाया गया था। बाद में साउथ कैंपस और आसपास के कॉलेजों के विस्तार के साथ यहां छात्रों की संख्या बढ़ती गई और बड़ी संख्या में मकानों को PG में बदल दिया गया।