असम में प्रचार के दौरान कांग्रेस काफिले पर पथराव, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई की गाड़ियों के शीशे टूटे
लोगों ने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए
स्थिति बिगड़ गई और वाहनों पर पत्थर व बोतलें फेंकी
कांग्रेस ने BJP के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है
शुरुआत किसने की? हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था?
असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को समागुड़ी के बरमा इलाके में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित तौर पर पथराव का मामला सामने आया। काफिले में असम कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन और कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा समेत कई नेता मौजूद थे। कांग्रेस का आरोप है कि काफिले के गुजरने के दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और वाहनों पर पत्थर व बोतलें फेंकी गईं। कांग्रेस नेताओं ने इसके लिए BJP कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, शुरुआत किसने की और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था, स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और CRPF ने संभाला मोर्चा
घटना में कांग्रेस काफिले की कुछ गाड़ियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस के मुताबिक, एक वाहन में मौजूद AICC सचिव मनोज चौहान को भी चोट लगी। घटना के दौरान पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की भी खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस और CRPF की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।
गोगोई ने BJP पर लगाया आरोप
गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ताओं ने उस वाहन पर पत्थर और बोतलें फेंकी, जिसमें वह और भूपेश बघेल मौजूद थे। कांग्रेस ने घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। नगांव लोकसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होना है। घटना के बाद चुनावी माहौल में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।