The Punjab government has taken a historic step

पंजाब में अज्ञात और लावारिस शवों की पहचान के लिए देश का पहला ‘पहचान’ पोर्टल लॉन्च

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 03 2026 03:20:06 PM

पंजाब में अज्ञात और लावारिस शवों की पहचान के लिए देश का पहला ‘पहचान’ पोर्टल लॉन्चपंजाब सरकार ने तकनीकी और मानवीय दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक कदम उठाया है

पंजाब में अज्ञात और लावारिस शवों की पहचान के लिए देश का पहला ‘पहचान’ पोर्टल लॉन्च

पंजाब में अज्ञात और लावारिस शवों की पहचान के लिए देश का पहला ‘पहचान’ पोर्टल लॉन्च

पंजाब सरकार ने तकनीकी और मानवीय दृष्टिकोण से एक ऐतिहासिक कदम उठाया है

मुख्य उद्देश्य राज्य भर के मोर्चरी में लाए शवों की सम्मानजनक पहचान सुनिश्चित करना

नई व्यवस्था के तहत पोस्टमार्टम के 48 घंटों के भीतर पूरा ब्योरा डिजिटल किया जाएगा

चेहरे की तस्वीरें, टैटू, जन्मजात निशान या शारीरिक बनावट की जानकारी होगी अपलोड

वहीं भारत या विदेश में बैठा कोई भी परिवार अपने बिछड़े हुए सदस्यों को खोज सकेगा

जिस तरह जीवित लोगों की जिम्मेदारी, उसी तरह मृतकों का सम्मान भी राज्य का कर्तव्य

‘पहचान’ पोर्टल पंजाब के सफल मेडिको-लीगल सॉफ्टवेयर ‘मेडलीपर’ आधार पर तैयार 

वर्तमान में 23 जिलों और 346 सरकारी अस्पतालों में 6,600 से अधिक डॉक्टर पंजीकृत

 

पंजाब सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला राज्य स्तरीय डिजिटल पोर्टल ‘पहचान’ शुरू किया है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य भर के सरकारी शवगृहों (मोर्चरी) में लाए जाने वाले अज्ञात और लावारिस शवों की सम्मानजनक पहचान सुनिश्चित करना है। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस जनकल्याणकारी डिजिटल पहल का औपचारिक उद्घाटन किया। इस नई व्यवस्था के तहत, पंजाब के किसी भी सरकारी अस्पताल या शवगृह में लाए गए अज्ञात मृत व्यक्ति का पोस्टमार्टम होने के 48 घंटों के भीतर पूरा ब्योरा डिजिटल किया जाएगा। इसमें मृतक के चेहरे की तस्वीरें, शरीर पर बने टैटू, जन्मजात निशान या किसी विशिष्ट शारीरिक बनावट की विस्तृत जानकारी ‘पहचान’ पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। यह पोर्टल स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइटों पर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध रहेगा, जिससे भारत या विदेश में बैठा कोई भी परिवार अपने बिछड़े हुए सदस्यों को खोज सकेगा। 

ऑनलाइन दावे से जांच अधिकारी तक तुरंत पहुंचेगी सूचना

डिजिटल प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और सुगम बनाया गया है। जैसे ही कोई व्यक्ति पोर्टल पर किसी शव की पहचान कर ऑनलाइन दावा दर्ज करेगा, प्रणाली स्वतः ही संबंधित जांच अधिकारी (IO) को सूचित कर देगी। इससे लावारिस शवों के परिजनों को पुलिस थानों या अस्पतालों के अनावश्यक चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे विधिक प्रक्रिया पूरी कर अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार कर सकेंगे।

मृतकों का सम्मान व गरिमा की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इस पहल को सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि केवल पंजाब में हर साल लगभग 5,000 से 6,000 लोग अज्ञात या लावारिस स्थिति में दम तोड़ देते हैं। वे किसी न किसी के परिजन होते हैं और कोई न कोई उनकी राह देख रहा होता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह जीवित व्यक्तियों के इलाज की जिम्मेदारी सरकार की है, उसी तरह मृतकों का सम्मान और गरिमा की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है।

‘मेडलीपर’ के मजबूत तंत्र पर आधारित है यह नई प्रणाली

यह नया ‘पहचान’ पोर्टल पंजाब के सफल मेडिको-लीगल सॉफ्टवेयर ‘मेडलीपर’ के आधार पर तैयार किया गया है, जिसे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद NIC ने विकसित किया था। वर्तमान में 23 जिलों और 346 सरकारी अस्पतालों में यह प्रणाली चालू है, जहां 6,600 से अधिक डॉक्टर पंजीकृत हैं। यह सिस्टम पुलिस, अदालतों, अस्पतालों और फोरेंसिक लैब को आपस में जोड़ता है तथा CCMTNS से भी समन्वित है।

कर्मचारियों को समय पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘पहचान’ पोर्टल डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करता है। उन्होंने राज्य के सभी सिविल सर्जनों, डॉक्टरों और शवगृहों के कर्मचारियों को समय पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं ताकि बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाया जा सके।

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