Senior IAS officer Anurag Verma summoned

पंजाब में कथित रियल एस्टेट घोटाले की जांच तेज, वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को ED का समन

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: August 26 2026 11:38:46 AM

पंजाब में कथित रियल एस्टेट घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को समन जारी किया है।

पंजाब में कथित रियल एस्टेट घोटाले की जांच तेज वरिष्ठ ias अधिकारी अनुराग वर्मा को ed का समन

पंजाब में कथित रियल एस्टेट घोटाले की जांच तेज, वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को ED का समन

पंजाब में कथित रियल एस्टेट घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को समन जारी किया है। पूर्व मुख्य सचिव और मौजूदा अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अनुराग वर्मा को 31 अगस्त को जालंधर स्थित ED के जोनल कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।

वहीं, 2007 बैच की IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ को भी 27 अगस्त को पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारियों को पंजाब में कथित रियल एस्टेट अनियमितताओं से जुड़ी जांच के सिलसिले में बुलाया गया है।

ED ने हाल ही में सनटेक सिटी, अल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और धीर कंस्ट्रक्शन समेत कई कंपनियों से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी। अब जांच एजेंसी इन प्रोजेक्ट्स में अधिकारियों की भूमिका और कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।

पहली बार अनुराग वर्मा से पूछताछ

यह पहली बार है जब ED ने इस मामले में पूछताछ के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को समन किया है। बताया जा रहा है कि कथित अनियमितताओं के समय वर्मा हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख थे।

कंवलप्रीत बराड़ से मांगे गए अतिरिक्त दस्तावेज

ED ने इससे पहले कंवलप्रीत बराड़ को 18 अगस्त को जालंधर स्थित अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। उस दौरान उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी। अब उन्हें मामले से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

बराड़ को 2024 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया था और फिलहाल वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव हैं।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सीएलयू (Change of Land Use) की मंजूरियों और लेआउट में बदलाव से संबंधित फैसलों में किसी तरह के नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। फिलहाल मामले में ED की जांच जारी है और अधिकारियों की पूछताछ के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।

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