He was sentenced to 20 years in prison in August

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मिली 21 दिन की फरलो, 9 साल में 17वीं बार जेल से बाहर

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: August 25 2026 11:58:28 AM

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मिली 21 दिन की फरलो, 9 साल में 17वीं बार जेल से बाहरअगस्त 2017 में साध्वियों से यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मिली 21 दिन की फरलो 9 साल में 17वीं बार जेल से बाहर

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को मिली 21 दिन की फरलो, 9 साल में 17वीं बार जेल से बाहर

अगस्त 2017 में साध्वियों से यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी

इसके बाद से राम रहीम सिंह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आ चुके हैं

इस साल जनवरी में 40 दिन, इसके बाद 26 मई को उन्हें 30 दिन की पैरोल दी गई थी

2017 में साध्वियों से रेप मामले में 20 साल, रणजीत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद मिली

मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को मामले में बरी कर दिया

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गये हैं। उनकी 21 दिन की फरलो मंजूर हुई है। मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे वे रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकले। इसके बाद सुबह करीब 8 बजे उनका काफिला सिरसा स्थित डेरा पहुंच गया। राम रहीम के काफिले में दो लैंड क्रूजर, दो फॉर्च्यूनर, दो इनोवा और दो पुलिस एस्कॉर्ट वाहन शामिल थे। बता दें कि राम रहीम को अगस्त 2017 में साध्वियों से यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आ चुके हैं। 

25 जून को सुनारिया जेल लौटे

करीब 9 साल में यह 17वीं बार है, जब उन्हें पैरोल या फरलो मिली है। इस साल जनवरी में राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद 26 मई को उन्हें 30 दिन की पैरोल दी गई थी। पैरोल पूरी होने के बाद वह 25 जून को सुनारिया जेल वापस लौटे थे।

दोनों मामलों में हो चुके हैं बरी

राम रहीम को साध्वियों से रेप के मामले में 2017 में दोषी ठहराया गया था और दोनों मामलों में कुल 20 साल की सजा हुई थी। रणजीत सिंह हत्याकांड में भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, लेकिन मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया।

SC ने अगस्त 2026 में अपील सुनने की दी मंजूरी 

वहीं, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उन्हें उम्रकैद की सजा मिली थी। मार्च 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ छत्रपति के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने अपील सुनने की मंजूरी दे दी।

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