दिल्ली AIIMS में 15 साल की तन्वी की मौत : 13 साल तक इलाज का इंतजार, परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप
तन्वी को जन्म से ही दिल में छेद और एक गंभीर हृदय रोग था
अगस्त 2026 में कोटा की तन्वी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई
हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट के लिए AIIMS दिल्ली में भर्ती किया गया
अचानक गंभीर समस्या हुई और 2 सितंबर को मौत हो गई
2015 में ऑपरेशन की तारीख मिली, लेकिन सर्जरी नहीं हुई
डॉक्टरों पर इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया
यह तय नहीं हुआ मामले में किसी की लापरवाही थी या नहीं
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगा इलाज में गलती हुई थी या नहीं
नई दिल्ली
राजस्थान के कोटा की रहने वाली तन्वी की मौत के बाद AIIMS दिल्ली में 13 साल तक के इलाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तन्वी को जन्म से ही दिल में छेद (VSD) और एक गंभीर हृदय रोग था। अगस्त 2026 में तन्वी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उसे संभावित हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट के लिए AIIMS में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उसे अचानक गंभीर समस्या हुई और 2 सितंबर 2026 की सुबह उसकी मौत हो गई। तन्वी के परिवार ने AIIMS के डॉक्टरों पर इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल यह तय नहीं हुआ मामले में किसी की लापरवाही थी या नहीं।
बच सकती थी बेटी की जान
अगर समय पर सर्जरी हो जाती तो शायद बेटी की जान बच सकती थी। AIIMS का कहना है कि मेडिकल कारणों से सर्जरी संभव नहीं थी। वहीं AIIMS का कहना है कि 2018 में दोबारा जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि सर्जरी करना संभव नहीं है इसलिए तन्वी का इलाज दवाओं के जरिए किया गया और नियमित जांच की सलाह दी। AIIMS ने उच्चस्तरीय समिति बनाई है। जांच रिपोर्ट के बाद साफ हो पाएगा इलाज में गलती हुई थी या नहीं।
नई तारीखें मिलती रहीं और ऑपरेशन टलता रहा
क्या है मामला : 2012 में जब तन्वी दो साल की थी, तब परिवार उसे इलाज के लिए AIIMS लाया था और डॉक्टरों ने सर्जरी की जरूरत बताई थी। तन्वी के पिता के अनुसार, 2014 में उन्होंने सर्जरी की तैयारी के लिए करीब 1.25 लाख रुपये जमा किए और खून की व्यवस्था भी की। 2015 में ऑपरेशन की तारीख मिली, लेकिन सर्जरी नहीं हो सकी। आरोप है कि कई साल तक उन्हें सिर्फ नई तारीखें मिलती रहीं और ऑपरेशन टलता रहा।