पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट को लेकर बड़ा पेंच! ₹2,000 से ऊपर ट्रांजैक्शन पर नया नियम
नए नियम तहत UPI का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक से MDR वसूलने का प्रावधान नहीं
₹2,000 से अधिक भुगतान पर फ्लैट ₹5 MDR का प्रावधान, मर्चेंट से लिया जाना शुल्क
हर बड़े UPI लेन-देन पर लागत का असर मुनाफे पर पड़ सकता : डीलर्स एसोसिएशन
देशभर के पेट्रोल पंपों पर 30-40 प्रतिशत हिस्सा ₹2,000 से अधिक के लेन-देन का है
नई दिल्ली
UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू होने वाला है। पेट्रोल-डीजल जैसी ईंधन श्रेणी में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर फ्लैट ₹5 MDR का प्रावधान है। हालांकि यह शुल्क ग्राहक पर सीधे लगाने के बजाय मर्चेंट से लिया जाना है। ग्राहकों के लिए भी यह मुद्दा अहम है, क्योंकि आज बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा के भुगतान UPI से करते हैं। हालांकि नए नियम के तहत UPI का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक से सीधे MDR वसूलने का प्रावधान नहीं है। विवाद मुख्य रूप से मर्चेंट पर लगने वाले शुल्क को लेकर है।
पंप डीलर्स ने इस व्यवस्था पर जताई नाराजगी
पंजाब में पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चिंता जताई है। डीलरों का कहना है कि हर बड़े UPI लेन-देन पर अतिरिक्त लागत का असर मुनाफे पर पड़ सकता है। सरकार से ईंधन लेन-देन को MDR से छूट देने की मांग की गई है। डीलर्स ने माना कि UPI के बढ़ते इस्तेमाल से पेट्रोल पंपों पर नकली नोट, फटे-पुराने नोट और खुले पैसों जैसी समस्याओं में कमी आई है। बड़े भुगतान में दोबारा नकद की ओर लौटने से ये समस्याएं बढ़ सकती हैं।
₹2,000 से ऊपर UPI बंद करने की चेतावनी
डीलर्स संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें ₹2,000 से अधिक के पेट्रोल-डीजल भुगतान पर MDR का बोझ उठाना पड़ा, तो वे ऐसे भुगतान के लिए UPI स्वीकार करना बंद कर सकते हैं और ग्राहकों से नकद भुगतान करने को कह सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के पेट्रोल पंपों पर कुल खरीदारी का करीब 30-40 प्रतिशत हिस्सा ₹2,000 से अधिक के लेन-देन का है।
सरकार और डीलरों के बीच जारी है बातचीत
इस मुद्दे को लेकर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों और पेट्रोलियम डीलर्स के प्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हो चुकी है। डीलर्स ने ईंधन लेन-देन को MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग रखी है। फिलहाल सरकार और डीलर्स के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है और अभी ऐसी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है कि सभी पेट्रोल पंप ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान को अनिवार्य रूप से बंद करेंगे।