पंजाब में बिजली संकट के बीच रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद
पंजाब में बिजली संकट लगातार बना हुआ है। राज्य में बिजली की मांग 17,000 मेगावाट से ऊपर बनी हुई है और खपत में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसी बीच रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद होने से बिजली व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके चलते पावरकॉम को केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है।
हालांकि, बिजली मंत्री तरुणप्रीत सौंध का दावा है कि 12 से 14 सितंबर के बीच पंजाब में किसी तरह का पावरकट नहीं लगाया गया। उनका कहना है कि गुरु गोबिंद सिंह सुपर थर्मल प्लांट, रोपड़ के दो यूनिट बंद होने के बावजूद राज्य में बिजली की कमी नहीं हुई।
रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद
जानकारी के अनुसार, रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट पूरी तरह बंद हैं। इन दोनों यूनिट की कुल क्षमता करीब 420 मेगावाट बताई जा रही है। वहीं, प्लांट के बाकी दो यूनिट भी अपनी पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन नहीं कर रहे हैं।
एक यूनिट से करीब 133 मेगावाट, जबकि दूसरे से केवल 65 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
पहले तलवंडी साबो और राजपुरा में बंद हुए थे यूनिट
इससे पहले तलवंडी साबो और राजपुरा स्थित निजी थर्मल प्लांटों के कुछ यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गए थे। इससे राज्य में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ था।
अब निजी थर्मल प्लांटों के बंद यूनिट दोबारा काम शुरू कर चुके हैं, लेकिन रोपड़ के सरकारी थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद होने से बिजली उत्पादन पर दबाव बना हुआ है।
सितंबर में बिजली की खपत में 71 फीसदी बढ़ोतरी
आधिकारिक मासिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग अप्रैल 2026 में 12,025 मेगावाट से बढ़कर जुलाई 2026 में 17,277 मेगावाट तक पहुंच गई।
13 सितंबर तक सितंबर महीने की अधिकतम मांग 16,598 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 13,127 मेगावाट था। यानी करीब 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, हालिया बिजली मांग का आंकड़ा 17,423 मेगावाट तक पहुंच चुका है, जो अप्रैल से सितंबर के दौरान दर्ज 17,277 मेगावाट के पिछले शिखर से 146 मेगावाट अधिक है।
कुल बिजली खपत भी बढ़ी
अप्रैल से 13 सितंबर तक पंजाब में कुल बिजली खपत 46,696 मिलियन यूनिट (MU) दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 41,072 MU थी। इस तरह कुल खपत में करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
जुलाई में बिजली खपत 9,362 MU से बढ़कर 10,765 MU और अगस्त में 8,265 MU से बढ़कर 10,340 MU हो गई।
वहीं, सितंबर में 13 तारीख तक पंजाब की बिजली खपत 4,237 MU रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2,478 MU थी। यानी सितंबर की शुरुआती अवधि में बिजली खपत में करीब 71 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बढ़ती मांग और थर्मल प्लांट के यूनिट बंद होने के बीच पावरकॉम को बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है।