Farmers protest in Jalandhar over inflation

जालंधर में महंगाई और लाठीचार्ज को लेकर किसानों का प्रदर्शन

Last Updated: June 08 2026 03:37:51 PM

जालंधर में महंगाई और लाठीचार्ज को लेकर किसानों का प्रदर्शन, पंजाब सरकार को दी चेतावनी

जालंधर में महंगाई और लाठीचार्ज को लेकर किसानों का प्रदर्शन

हक में फैसले नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा

संकट किसानों का नहीं, बल्कि मजदूर, छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले प्रभावित

सरकार अब आईडी बनाकर खाद देने की तैयारी में, जिससे किसान होंगे परेशान

पटियाला में बिजली कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की सख्त शब्दों में निंदा

जालंधर

देश में बढ़ती महंगाई, रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और बिजली कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय किसान यूनियन दोआबा ने जालंधर में पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर डीसी दफ्तर के बाहर दोनों सरकारों के पुतले फूंके गए। इसके साथ ही किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकारों ने आम जनता, किसानों और मजदूरों के हक में फैसले नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मंहगाई से लोगों का जीना मुहाल

भारतीय किसान यूनियन दोआबा के सचिव तरसेम सिंह ढिल्लों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि देश में महंगाई की दर लगातार आसमान छू रही है। आज आम आदमी का जीना मुहाल हो चुका है। रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे हर घर का बजट बिगड़ गया है। संकट सिर्फ किसानों का नहीं है, बल्कि मजदूर, छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और यहां तक कि मध्यम वर्ग के लोग भी इस बेतहाशा महंगाई से बुरी तरह प्रभावित हैं।

पूरे राज्य में प्रदर्शन किया जा रहा

उन्होंने आगे कहा कि किसानों को मिलने वाली खाद पर नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं। सरकार अब आईडी बनाकर खाद देने की तैयारी में है, जिससे किसानों को खाद लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान होगा। पूरे पंजाब में सभी जिला कलेक्टर (डीसी) कार्यालयों के बाहर यह ‘अर्थी फूंक मुजाहिरा’ (पुतला दहन प्रदर्शन) किया जा रहा है।

‘वोट की चोट’ से ही देंगे जवाब

किसानों ने पटियाला में प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की सख्त शब्दों में निंदा की। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर ‘गुंडाराज’ चलाने का आरोप लगाया। पंजाब सरकार के इस दमनकारी रवैये का जवाब आने वाले चुनावों में सूबे की जनता और किसान अपने ‘वोट की चोट’ से देंगे। हक मांगने वाले कर्मचारियों और किसानों को पीटना बेहद शर्मनाक है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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