A highly shocking case of cybercrime has come

FB, Insta पर वीडियोज़ देखकर शेयर मार्किट में निवेश करने वाले ज़रा ध्यान दें! वर्ना आपके साथ भी हो सकता है ऐसा

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 04 2026 01:59:17 PM

FB, Insta पर वीडियोज़ देखकर शेयर मार्किट में निवेश करने वाले ज़रा ध्यान दें! वर्ना आपके साथ भी हो सकता है ऐसालुधियाना के जगराओं क्षेत्र में साइबर क्राइम का बेहद चौंकाने वाला मामला आया

fb insta पर वीडियोज़ देखकर शेयर मार्किट में निवेश करने वाले ज़रा ध्यान दें वर्ना आपके साथ भी हो सकता है ऐसा

FB, Insta पर वीडियोज़ देखकर शेयर मार्किट में निवेश करने वाले ज़रा ध्यान दें! वर्ना आपके साथ भी हो सकता है ऐसा

लुधियाना के जगराओं क्षेत्र में साइबर क्राइम का बेहद चौंकाने वाला मामला आया

आरोपियों ने IPO में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया

मुनाफे की उम्मीद में बलविंदर सिंह ने ठगों के बताए अनुसार पैसे जमा करवाए

साइबर क्राइम इंचार्ज किरनदीप और एएसआई जगरूप सिंह ने जांच शुरू की

डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों और सहयोगियों की पहचान की जा रही 

जगराओं 

लुधियाना के जगराओं क्षेत्र में साइबर क्राइम का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बलविंदर सिंह से 73.25 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। जानकारी अनुसार, बलविंदर ने फेसबुक पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करते ही साइबर ठगों ने उनसे संपर्क किया और खुद को प्रसिद्ध वित्तीय कंपनी ‘ईटी मनी’ से जुड़ा बताया। आरोपियों ने आईपीओ में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद उन्होंने पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में लगातार रकम ट्रांसफर करवाई और लाखों हड़प लिए।

काफी समय बीतने के बाद रकम नहीं मिली वापस 

मुनाफे की उम्मीद में बलविंदर सिंह ने ठगों के निर्देशों के अनुसार कई बार पैसे जमा करवाए। जब निवेश की कुल राशि 73.25 लाख रुपए तक पहुंच गई तो उन्होंने अपना पैसा और कथित लाभ निकालने की कोशिश की। इस दौरान आरोपियों ने बहाने बनाकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली, जिसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।

साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत मिलते ही की जांच

मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की इंचार्ज किरनदीप कौर और एएसआई जगरूप सिंह ने जांच शुरू की। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड खंगाला। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने पर चार अलग-अलग राज्यों के आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की छापेमारी जारी

पुलिस अब इस साइबर गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ठगी गई रकम किन खातों में भेजी गई और बाद में कहां निकाली गई। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों और उनके सहयोगियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

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