Sent messages to parents asking them to take

जालंधर के बाद अब अमृतसर के चीफ खालसा दीवान स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, बच्चों को घर भेजा गया

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 30 2026 01:45:19 PM

जालंधर के बाद अब अमृतसर के चीफ खालसा दीवान स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, बच्चों को घर भेजा गयाअभिभावकों को मैसेज भेजकर बच्चों को घर ले जाने के लिए कहा

जालंधर के बाद अब अमृतसर के चीफ खालसा दीवान स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी बच्चों को घर भेजा गया

जालंधर के बाद अब अमृतसर के चीफ खालसा दीवान स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी, बच्चों को घर भेजा गया

अभिभावकों को मैसेज भेजकर बच्चों को घर ले जाने के लिए कहा 

स्कूल प्रबंधन को कथित पैसों से जुड़ा धमकी भरा संदेश मिला है

हालांकि धमकी की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई 

फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल में नजर रखी जा रही

अमृतसर

अमृतसर के चीफ खालसा दीवान की ओर से संचालित श्री गुरु हरिकृष्ण सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब स्कूल प्रशासन ने अचानक छुट्टी का ऐलान कर दिया। अभिभावकों को मैसेज भेजकर बच्चों को तुरंत स्कूल से घर ले जाने के लिए कहा गया। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल परिसर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बता दें कि जालंधर के कुछ स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने की सूचना है। हालांकि, इस कथित धमकी की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।

बड़ी संख्या में अभिभावकों की भीड़ जमा 

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे के आसपास स्कूल के व्हाट्सऐप ग्रुपों में अभिभावकों को मैसेज भेजे गए। मैसेज में किसी स्पष्ट कारण का उल्लेख नहीं किया गया और सिर्फ इमरजेंसी का हवाला देते हुए बच्चों को जल्द स्कूल से ले जाने के लिए कहा गया। अचानक छुट्टी की सूचना के बाद स्कूल के बाहर बड़ी संख्या में अभिभावकों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने के लिए स्कूल के बाहर पहुंचने लगे।

पैसों से जुड़ा धमकी भरा संदेश मिला है

इसी बीच चर्चा सामने आई कि स्कूल प्रबंधन को कथित तौर पर पैसों से जुड़ा धमकी भरा संदेश मिला है। दावा किया जा रहा है कि मांग पूरी नहीं होने पर स्कूल को निशाना बनाने की धमकी दी गई। फिलहाल स्कूल प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धमकी की सूचना की वास्तविकता क्या है और इसका स्रोत क्या था।

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