A simple and dignified ceremony was held

सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा बने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 07 2026 12:59:47 PM

सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा बने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशचंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन में एक सादा और गरिमापूर्ण समारोह आयोजित

सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा बने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

सरकार के विरोध के बीच जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा बने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन में एक सादा और गरिमापूर्ण समारोह आयोजित

पंजाब राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई

शपथ ग्रहण के मंच और दर्शक दीर्घा से सरकार की दूरी चर्चा का मुख्य केंद्र रही

इस शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक टकराव की झलक साफ देखने को मिली

सरकार ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को असंवैधानिक करार देकर मोर्चा खोल रखा था

वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी व राज्यपाल कटारिया को पत्र भेजा था

चंडीगढ़

केंद्र और राज्य सरकार के बीच छिड़ी तीखी तनातनी और राजनीतिक खींचतान के बीच Justice Ashwani Kumar Mishra ने आखिरकार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन (लोक भवन) में आयोजित एक सादे और गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रशासनिक व न्यायिक बिरादरी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन शपथ ग्रहण के मंच और दर्शक दीर्घा से पंजाब सरकार की दूरी चर्चा का मुख्य केंद्र बनी रही।

हरियाणा के सीएम नायब सैनी पहुंचे, मान सरकार रही नदारद

Justice Ashwani Kumar Mishra के शपथ ग्रहण समारोह में राजनीतिक टकराव की झलक साफ देखने को मिली। एक तरफ जहां पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष रूप से समारोह में शिरकत करने पहुंचे, वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनके मंत्रिमंडल का कोई भी चेहरा इस दौरान नजर नहीं आया। पंजाब सरकार का यह रवैया पहले से ही तय माना जा रहा था, क्योंकि सरकार ने इस नियुक्ति प्रक्रिया को असंवैधानिक करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।

आपात बैठक में पास हुआ प्रस्ताव, राष्ट्रपति से लगाई थी गुहार

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार की ओर से की गई इस नियुक्ति पर सख्त ऐतराज जताया गया था। मान सरकार का तर्क था कि तय नियमावली के तहत राज्य सरकार की औपचारिक सहमति के बिना मुख्य न्यायाधीश की शपथ नहीं दिलाई जानी चाहिए। पंजाब सरकार ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र भेजकर शपथ ग्रहण रोकने की गुहार भी लगाई थी, जिसे दरकिनार कर आज राजभवन में कार्यक्रम संपन्न करा दिया गया।

Related to this topic: