Aarti performed with traditional rituals

लंदन की थेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई गंगा आरती, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का दिखा अनोखा संगम

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: September 14 2026 12:27:06 PM

लंदन की थेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई गंगा आरती, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का दिखा अनोखा संगमभारत की प्रसिद्ध गंगा आरती अब लंदन की थेम्स नदी तक पहुंच गई है।

लंदन की थेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई गंगा आरती भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का दिखा अनोखा संगम

लंदन की थेम्स नदी के किनारे पहली बार हुई गंगा आरती, भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का दिखा अनोखा संगम

भारत की प्रसिद्ध गंगा आरती अब लंदन की थेम्स नदी तक पहुंच गई है। रविवार को लंदन में थेम्स नदी के किनारे पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और प्रकृति के प्रति आभार का अनोखा संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोगों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया।

रीति-रिवाजों के साथ हुई आरती

“थेम्स पर गंगा आरती: रोशनी का एक समारोह” नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में पूरे विधि-विधान के साथ आरती की गई। लोगों ने दीप जलाकर नदी, प्रकृति और जीवन के प्रति आभार व्यक्त किया। संगीत और मंत्रोच्चार के बीच माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया।

इस आयोजन का संचालन चिन्मय मिशन यूके ने वार्षिक “टोटली थेम्स” उत्सव के सहयोग से किया। यह कार्यक्रम चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर दुनियाभर में हो रहे समारोहों का हिस्सा था।

चिन्मय मिशन यूके की रेजिडेंट शिक्षिका ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा कि पीढ़ियों से लोग गंगा के किनारे दीप जलाकर नदी, प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते आए हैं। थेम्स नदी पर गंगा आरती भी इसी भावना को दर्शाती है और लोगों को कृतज्ञता, उम्मीद और एकता के साझा पल में जोड़ती है।

चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे

श्रीप्रिया चैतन्य ने बताया कि चिन्मय मिशन के लिए गंगा ज्ञान के प्रवाह का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिशन के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने वेदांत के शाश्वत ज्ञान को लोगों के दैनिक जीवन तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। 75वीं वर्षगांठ का यह आयोजन उनकी विरासत, ज्ञान, सेवा और कृतज्ञता के संदेश को आगे बढ़ाने का भी अवसर है।

सफाई का भी रखा गया विशेष ध्यान

आयोजन के दौरान पर्यावरण और सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। आरती पूरी तरह जमीन पर की गई और समारोह से जुड़ी कोई भी वस्तु थेम्स नदी में नहीं रखी गई, न ही उसमें फेंकी या छोड़ी गई।

इस कार्यक्रम में ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों से हिंदू संगठनों और समुदायों के आध्यात्मिक नेताओं व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य ब्रिटिश हिंदू और दक्षिण एशियाई समुदाय को एक साथ लाने के साथ-साथ सभी पृष्ठभूमि के लोगों को प्रकृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश देना था।

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