नेपाल के दार्चुला में लैंडस्लाइड के कारण निचले इलाकों में अलर्ट, अब तक 1300 से ज्यादा की मौतें
दुर्चला जिले में भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया
नदी का प्रवाह रुकने के कारण आस-पास के इलाकों में खतरा बढ़ गया
5300 से ज्यादा लापता, 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है
सरकारी आंकड़े के मुताबिक बाढ़ से 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल में बाढ़ में 275 भारतीय लापता
भारत ने करीब 95 टन राहत सामग्री और 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा
30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ व 5 सदस्य मेडिकल टीम
इंटरनेशनल डेस्क
नेपाल में शुक्रवार को दुर्चला जिले में भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया है। जिस कारण प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है क्योंकि नदी का प्रवाह रुकने के कारण आस-पास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है। बता दें कि नेपाल त्रासदी में अब तक 1344 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। वहीं 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। जबकि रेस्क्यू टीम ने 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। वहीं नेपाल के सरकारी आंकड़े के मुताबिक बाढ़ के कारण 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
275 भारतीय अभी भी लापता हैं
नेपाल में आई बाढ़ में 275 भारतीय लापता हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये आंकड़े जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में आई बाढ़ में 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई।
भारत ने राहत सामग्री भेजी नेपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी थी। भारत ने राहत-बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ, 19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।