A massive fire broke out in the ICU

जयपुर के SMS अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के ICU में लगी भीषण आग

Written by:

Nischal Nayyar

Last Updated: October 06 2025 12:57:55 PM

जयपुर के SMS अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के ICU में लगी भीषण आग, हादसे में 8 मरीजों की मौत

जयपुर के sms अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के icu में लगी भीषण आग

रात 11.20 बजे के आसपास आग न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर में लगी

स्टोर में पेपर आईसीयू का सामान और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखी हुई थीं

न्यूरो आईसीयू में 11 मरीज और बगल वाले आईसीयू में 13 मरीज भर्ती 

नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टर ने शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई

अलार्म बजने पर टीम मौके पर पहुंची, आग काबू पाने में लगा डेढ़ घंटा

मरीज के परिजन ने स्टाफ को बताया भी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया

अग्निकांड की जांच के लिए शासन स्तर पर 6 सदस्यीय कमेटी का गठन 

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू (ICU) में रविवार देर रात भीषण आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। यह दुखद घटना रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर हुई, जब आग ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर में लगी। स्टोर में पेपर आईसीयू का सामान और ब्लड सैंपलर ट्यूब रखी हुई थीं। ट्रॉमा सेंटर के नोडल ऑफिसर और सीनियर डॉक्टर के अनुसार, आग लगने की प्राथमिक आशंका शॉर्ट सर्किट है। हादसे के वक्त न्यूरो आईसीयू में 11 मरीज और उसके बगल वाले आईसीयू में 13 मरीज भर्ती थे।

आग पर काबू पाने में डेढ़ घंटे का समय लगा

फायर विभाग के कर्मचारी ने बताया कि अलार्म बजने पर टीम मौके पर पहुंची। पूरा वार्ड घने धुएं से भरा हुआ था और अंदर जाने का रास्ता नहीं था। टीम ने बिल्डिंग की दूसरी ओर से खिड़की के कांच हटाकर पानी की बौछार मारी। आग पर काबू पाने में डेढ़ घंटे का समय लगा। 

स्टाफ को बताया था, लेकिन ध्यान नहीं दिया

इस दौरान सभी मरीजों को बेड समेत बाहर सड़क पर शिफ्ट किया गया। हालांकि मृतकों के परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। भरतपुर के शेरू ने बताया कि आग भड़कने से 20 मिनट पहले ही धुआं निकलना शुरू हो गया था और उन्होंने स्टाफ को बताया भी था, लेकिन ध्यान नहीं दिया। 

शासन स्तर पर 6 सदस्यीय कमेटी का गठन 

रात 11:20 बजे तक धुआं बढ़ने और प्लास्टिक की ट्यूब पिघलने पर वार्ड बॉय मौके से भाग निकले। उन्होंने खुद ही मुश्किल से अपने मरीज को बाहर निकाला, जिन्हें हादसे के दो घंटे बाद ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। इस अग्निकांड की जांच के लिए शासन स्तर पर 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।

Related to this topic: