आवेदक तत्काल प्रभाव से नहीं करवा पाएंगे अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, करना पड़ेगा अब एक दिन और इंतजार
रात 12 बजे के बाद ही अप्वाइंटमैंट का स्लॉट खुलेगा और अतिरिक्त 24 घंटे का इंतजार करना होगा
अप्रूवल के बावजूद तुरंत रजिस्ट्री संभव नहीं, 48 घंटे की बजाय पूरे 72 घंटे तक की देरी हो सकती है
जो समय पर दस्तावेज पूरे नहीं कर पाते थे, उन्हें तैयारी के लिए अगले दिन का इंतजार अनिवार्य किया
नायब तहसीलदार बोले-यह बदलाव सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए किया है
जालंधर :
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किया ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम, जो लोगों को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सेवाएं आसानी से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, अब लोगों और अर्जीनवीसों (डीड राइटर्स) दोनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। इस सिस्टम में आए दिन होने वाले बदलाव नागरिकों के लिए बाधा बन रहे हैं। आज हुए एक नए बदलाव के तहत अब यदि किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन फाइल सब-रजिस्ट्रार/तहसीलदार की आईडी पर अप्रूव हो जाती है तो आवेदक उसी दिन रजिस्ट्री नहीं करवा पाएगा। उसे अगले दिन तक इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि सिस्टम में संबंधित डाक्यूमैंट की अप्वाइंटमैंट का स्लॉट उपलब्ध नहीं होगा।
रात 12 बजे के बाद स्लॉट खुलेगा
पहले प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक थी। अब अप्रूवल मिलने वाले दिन ऑनलाइन अप्वाइंटमैंट नहीं लिया जा सकेगा। रात 12 बजे के बाद ही अप्वाइंटमैंट का स्लॉट खुलेगा और आवेदक अगले दिन ही रजिस्ट्री कर पाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि अब आवेदक को अतिरिक्त 24 घंटे का इंतजार करना होगा। अब नए नियम से जहां लोगों के समय की बर्बादी होगी वहीं जो लोग अपने काम उसी दिन निपटाने का सोचते हैं, उन्हें अब एक दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
48 घंटे की बजाय 72 घंटे की देरी
अर्जीनवीसों को परेशानी भी कम नहीं रहेगी क्योंकि जो डीड राइटर्स फाइल के अप्रूव होने तुरंत रजिस्ट्री करवा देते थे, अब उन्हें भी अगले दिन तक इंतजार करना होगा। इससे उनका काम धीमा हो जाएगा। जब ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम शुरू हुआ था, तो दावा किया गया था कि सब-रजिस्ट्रार या तहसीलदार किसी भी फाइल को अधिकतम 48 घंटे के भीतर अप्रूव कर देंगे। तुरंत रजिस्ट्री संभव नहीं होगी। यानी कि 48 घंटे की बजाय पूरे 72 घंटे तक की देरी हो सकती है।
सुविधा नहीं परेशानी का कारण
अब बड़ा सवाल बन गया है कि जहां पंजाब सरकार द्वारा ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम जहां लोगों को घर बैठे सुविधा देने के लिए बनाया गया था, वहीं इसके लगातार बदलते नियम अब लोगों की दिक्कतें बढ़ा रहे हैं। इस बदलाव के पीछे रेवन्यू अधिकारियों का तर्क है कि अप्वाइंटमैंट मैनेजमैंट को व्यवस्थित करना जरूरी है। पर वास्तविकता यह है कि आम आदमी के लिए यह कदम सुविधा से ज्यादा परेशानी का कारण बन रहा है।
सिस्टम के कुछ तकनीकी पहलू
ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम को लागू करते समय इसका उद्देश्य यह था कि नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। ऑनलाइन फाइलिंग, डॉक्यूमैंट अपलोड और अप्वाइंटमैंट बुकिंग से सुविधा बढ़ी भी। लेकिन सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे अपडेट और बदलाव अब लोगों को उलझा रहे हैं। पहले अप्रूवल मिलने के बाद अप्वाइंटमैंट स्लॉट तुरंत खुलते थे। अब अप्रूवल मिलने के बाद स्लॉट ऑटोमैटिकली अगले दिन ही खुलेगा।
समय और पैसा दोनों बर्बाद होंगे
आवेदक दीपक कुमार, रजनीश, सागर का कहना है कि जब वे खरीदार और गवाहों को लेकर दफ्तर आते हैं तो उन्हें उम्मीद होती है कि उसी दिन काम निपट जाएगा। अब उन्हें अगले दिन तक इंतजार करना होगा, जिससे सभी का समय और पैसा दोनों बर्बाद होंगे। डीड राइटर्स का कहना है कि अप्वाइंटमैंट सिस्टम में पहले से ही कई दिक्कतें हैं। ऊपर से यह बदलाव काम की गति को और धीमा कर देगा।
पारदर्शी और व्यवस्थित बदलाव
सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में तैनात नायब तहसीलदारों का कहना है कि यह बदलाव सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए किया गया है। उनका तर्क है कि कई बार लोग अप्रूवल मिलने के तुरंत बाद अप्वाइंटमैंट लेकर भी समय पर दस्तावेज पूरे नहीं कर पाते थे। इसलिए अब उन्हें तैयारी का समय देने के लिए अगले दिन का इंतजार अनिवार्य किया गया है।