When the family members arrived, the college

जालंधर में एपीजे कॉलेज के बाहर एडमिशन ना किए जाने को लेकर छात्रों का भारी हंगामा, प्रबंधन से मांग रहे इंसाफ

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: July 25 2026 04:15:12 PM

जालंधर में एपीजे कॉलेज के बाहर एडमिशन ना किए जाने को लेकर छात्रों का भारी हंगामा, प्रबंधन से मांग रहे इंसाफ परिजन आए तो कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को एडमिशन देने से किया इनकार

जालंधर में एपीजे कॉलेज के बाहर एडमिशन ना किए जाने को लेकर छात्रों का भारी हंगामा प्रबंधन से मांग रहे इंसाफ 

जालंधर में एपीजे कॉलेज के बाहर एडमिशन ना किए जाने को लेकर छात्रों का भारी हंगामा, प्रबंधन से मांग रहे इंसाफ 

परिजन आए तो कॉलेज प्रशासन ने छात्रा को एडमिशन देने से किया इनकार

पीड़ित छात्रा और परिजनों द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन, गेट बंद कर दिए गए

पुलिस द्वारा छात्रों को शांत करवाया गया और मामले की जांच की जा रही है

हायर अथाॅरिटी की मीटिंग के कारण बच्ची की एडमिशन पर रोक है : पुलिस

जालंधर : 

एपीजे कॉलेज के बाहर छात्रा के एडमिशन ना किए जाने को लेकर भारी हंगामा हो गया। फाइनल ईयर की स्टूडेंट की एडमिशन करवाने के लिए परिजन कॉलेज में आए तो बच्ची की कॉलेज प्रशासन द्वारा एडमिशन नहीं की जा रही। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा गेट बंद कर दिए गए। जिसके विरोध में अन्य छात्रों के साथ मिलकर पीड़ित छात्रा और उसके परिजनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। छात्रा ने कहा कि 9 घंटे तक पेरेट्स कॉलेज में एडमिशन को लेकर बैठे रहे, लेकिन एडमिशन नहीं दिया गया। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा छात्रों को शांत करवाया गया और मामले की जांच की जा रही है। 

अगर शिकायत आती है तो मामले की जांच की जाएगी

पुलिस ने बताया कि महक शर्मा छात्रा को लेकर विवाद चल रहा है। प्रिंसीपल का फोन आया था कि हायर अथारिटी की मीटिंग के कारण बच्ची की एडमिशन पर रोक लगी है। इसी मामले को लेकर परिजनों ने कॉलेज द्वारा एडमिशन ना दिए जाने को लेकर हंगामा किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि छात्रा के परिजनों द्वारा मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। ऐसे में अगर कोई शिकायत आती है तो मामले की जांच की जाएगी।

मामले को लेकर सीनियर टीचर ने उसकी एक न सुनीं

वहीं पीड़ित छात्रा महक शर्मा ने कहा कि वह 2 साल से कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। 2 माह पहले पेपर के दौरान एक सचिन टीचर ने उसके साथ गलत हरकत की। जिसके बाद उसने परिजनों से बात की और परिजनों ने सीनियर टीचर से मामले को लेकर बात करने के लिए कहा। पीड़ित का आरोप है कि मामले को लेकर सीनियर टीचर ने उसकी एक नहीं सुनी। जिसके बाद अब टीचर को तो निकाल दिया गया, लेकिन अब उसे एडमिशन नहीं दी जा रही।

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