सार्वजनिक जगह हथियार ले जाने और उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह से बैन है
इसके साथ ही फुटपाथ और सड़कों पर अवैध कब्जे पर रोक लगाई गई है
मोबाइल खरीदते या बेचते समय विक्रेता को 'परचेज सर्टिफिकेट' देना होगा
अगर भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है, तो आईडी प्रूफ भी लें
साइबर क्राइम रोकने और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने को दस्तावेज जरूरी
जालंधर :
जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने शहर में हथियारों के प्रदर्शन पर बैन लगाया है। कमिश्नर की तरफ से जारी आदेशों के मुताबिक सार्वजनिक जगह, धार्मिक स्थलों, शादी-समारोहों, पार्टियों, मैरिज पैलेस, होटलों, हॉल या अन्य सभाओं में हथियार ले जाने और उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह से बैन है। इसके साथ ही फुटपाथ और सड़कों पर अवैध कब्जे पर रोक लगाई गई है। मोबाइल फोन खरीदते या बेचते समय विक्रेता को अपनी फर्म की मोहर और हस्ताक्षर के साथ 'परचेज सर्टिफिकेट' देना होगा। अगर भुगतान यूपीआई, कार्ड या ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है, तो उस व्यक्ति का आईडी प्रूफ भी लेना होगा, जिसके खाते से भुगतान हुआ है।
हथियारों वाले स्टेटस लगाने पर भी बैन
हथियारों को बढ़ावा देने वाले गीत, हिंसा या झगड़ों की प्रशंसा करने वाले गाने, हथियारों के साथ फोटो/वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया (जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम आदि) पर अपलोड करने पर बैन है। कोई भी व्यक्ति किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत भरे भाषण नहीं देगा। सड़कों के किनारे फुटपाथ पर अनधिकृत बोर्ड लगाने और दुकानदारों की तरफ से दुकान की सीमा से बाहर सड़कों या फुटपाथ पर सामान रखकर बेचने पर बैन लगाया है।
फोन, सिम वालों से आईडी कार्ड जरूरी
वहीं साइबर क्राइम को रोकने और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन और सिम विक्रेताओं को खरीददार से आईडी प्रूफ, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज लेना अनिवार्य होगा। विक्रेता को खरीददार का नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम, पूरा पता, आईडी प्रूफ, अंगूठे का निशान, हस्ताक्षर, खरीद की तारीख और समय, और भुगतान करने वाले व्यक्ति का आईडी प्रूफ रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
चाइना और कांच वाली डोर पर बैन
पतंग उड़ाने के लिए चाइना डोर (नायलॉन, प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री से बनी डोर, जिस पर कांच, धातु या अन्य तीक्ष्ण पदार्थ की परत चढ़ी हो) के निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद, आपूर्ति, आयात और उपयोग पर पूर्ण बैन है। पतंग उड़ाने के लिए केवल सूती धागे का उपयोग अनुमत होगा, जो किसी भी तीक्ष्ण, धातु, कांच या मजबूती बढ़ाने वाली परत से मुक्त हो। ये सभी आदेश 7 नवंबर 2025 तक लागू रहेंगे।