बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया यह निर्णय
विरोध नहीं, वकीलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए है ये हड़ताल
सभी अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की
प्रधान राम शारदा ने कचहरी में सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया
जालंधर
जालंधर की जिला बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए 18 मार्च को कचहरी परिसर में ‘नो वर्क डे’ घोषित किया है। यह निर्णय एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में लिया गया। एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर ने बताया कि यह हड़ताल किसी विरोध के लिए नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में वकीलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए है। एसोसिएशन ने सभी अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील करते हुए उम्मीद जताई है कि इस बार जालंधर को बार काउंसिल में मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा। इस दौरान अधिवक्ता चुनाव प्रचार कर सकेंगे, साथियों से संपर्क बना सकेंगे और मतदान के लिए अपील कर सकेंगे।
बार काउंसिल 25 सदस्यीय कमेटी चुनाव
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान राम शारदा ने बताया कि बार काउंसिल की 25 सदस्यीय कमेटी के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर से इस बार 4 उम्मीदवार मैदान में हैं और लंबे समय बाद प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।
सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया
उन्होंने कचहरी परिसर में सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। पिछले वर्षों में वकीलों की संख्या बढ़ी है, लेकिन कोर्ट रूम और कमरों की कमी के कारण रिकॉर्ड रखने और कामकाज में दिक्कत आ रही है। पार्किंग समस्या के चलते बड़े कॉम्प्लेक्स की जरूरत जताई गई है।
7 साल बाद कराए जा रहे हैं बार चुनाव
पूर्व प्रधान आरके भल्ला ने बताया कि बार काउंसिल के चुनाव सामान्यत हर 5 साल में होते हैं, लेकिन इस बार 7 साल बाद कराए जा रहे हैं। चुनाव पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में आयोजित किए जा रहे हैं। जालंधर से करीब 3500 वकील मतदाता सूची में शामिल हैं।