भारत बंद को लेकर हड़ताल का असर जालंधर में भी आया नजर, शहर में बैंक और बस यूनियन ने की हड़ताल
मुख्यमंत्री ट्रांसपोर्ट मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को भी लिखित में पत्र दिया है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रहीं
सरकार बैंकों में नई भर्तियां नहीं कर रही है, जिस कारण प्रमोशन भी नहीं हो रहा है, बैंकों में नई भर्तियां होनी चाहिए
केंद्र सरकार बैंकों को निजीकरण करने की कोशिश कर रही है और उनके शेयर को भी जबरन बेच रही : बैंक यूनियन
ना तो पिछली सरकारें उनकी मांगों को पूरा कर रही है और ना ही अब उनकी मांगों को पूरा किया जा रहा है : सचिव
जालंधर :
भारत बंद को लेकर पूरे देश में हो रही हड़ताल का असर जालंधर में भी दिखाई दे रहा है। जालंधर में बैंक यूनियन और बस यूनियन ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। जिस कारण लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बैंक यूनियन का कहना है कि सरकार बैंकों में नई भर्तियां नहीं कर रही है, जिस कारण प्रमोशन भी नहीं हो रहा है। सरकार को बैंकों में नई भर्तियां करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ट्रांसपोर्ट मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को भी लिखित में पत्र दिया है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रहीं। जिसके चलते उन्होंने 3 दिन हड़ताल करने का ऐलान किया है।
सरकार बैंकों का निजीकरण कर रही
बैंक यूनियन का कहना है कि सरकार जो नीतियां ला रही है, हम उसका विरोध करते हैं। केंद्र सरकार बैंकों को प्राइवेट करने की कोशिश कर रही है और उनके शेयर को भी बेच रही है। वहीं एनपीए लाकर सरकार बड़े बिजनेसमैन को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इसलिए हमारी मांगों को पूरा करें।
अबतक मांगें पूरी नहीं : बस यूनियन
यूनियन के प्रधान विक्रजीत सिंह ने कहा कि काफी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर स्थगित करते आ रहे हैं। कुछ समय पहले सीएम मान के साथ नेताओं की बैठक हुई थी, उस दौरान उन्होंने जल्द ठेकेदारी सिस्टम को बंद कर दिया जाएगा। 3 साल हो गए उनकी मांगे अभी तक पूरी नहीं हो रही।
कोर्ट के ऑर्डर के बाद भी जस के तस
यूनियन के सैक्रेटरी भूपिंदर सिंह ने कहा कि 2011 से पनबस के आने के दौरान उनकी मांगे चल रही है। कोर्ट की ओर से ऑर्डर भी ठेका कर्मियों को पक्का करने के आदेश दे दिए है, लेकिन ना तो पिछली सरकारें उनकी मांगों को पूरा कर रही है और ना ही अब उनकी मांगों को पूरा किया जा रहा है।