पंजाब से बाहर जाने वाले लोगों के लिए संकट! झेलनी होगी परेशानी
करीब 3000 सरकारी बसों का चक्का जाम, बारिश के बीच हड़ताल पर रहे 7800 से अधिक कर्मचारी
पंजाब के भीतर प्राइवेट बसों में जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ी क्योंकि रश बेहद अधिक रहा
कल होने वाली मीटिंग में अगला फैसला लिया जाएगा और हड़ताल आगे भी बढ़ाई जा सकती : यूनियन
सरकारी बसों के 3500 से अधिक टाइम मिस हुए व यात्री रूट की बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहे
जालंधर :
पनबस-पीआरटीसी ठेका यूनियन की हड़ताल के पहले दिन यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं विभाग को 3 करोड़ से अधिक का ट्रांजैक्शन लॉस उठाना पड़ा। बारिश के बीच 7800 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहे जिससे करीब 3000 सरकारी बसों का चक्का जाम रहा। पंजाब के भीतर के लिए प्राइवेट बसों में जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ी क्योंकि बसों में रश बेहद अधिक रहा।
बस हड़ताल आगे भी बढ़ाई जा सकती है
वहीं, यूनियन द्वारा 15 अगस्त को भी बसों का परिचालन बंद रखने की बात कही गई है और आजादी के राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है। वहीं, यूनियन का कहना है कि कल होने वाली मीटिंग में अगला फैसला लिया जाएगा और हड़ताल आगे भी बढ़ाई जा सकती है। वहीं, पंजाब के विभिन्न शहरों के बस अड्डों से चलने वाली सरकारी बसों के 3500 से अधिक टाइम मिस हुए व यात्री अपने रूट की बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
दूसरे राज्यों की बसों पर निर्भर होना पड़ा
वहीं, पंजाब से बाहर जाने वाले यात्रियों को दूसरे राज्यों की बसों पर निर्भर होना पड़ा। पनबस व पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन का दो-टूक कहना है कि उनकी मांगों को पूरा न किया गया तो प्रदर्शन तेज होगा। यूनियन नेताओं द्वारा डिपो-2 व डिपो-1 के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर डिपो प्रधान सतपाल सिंह सत्ता, चानण सिंह, बिक्रमजीत सिंह बिक्का ने कहा कि सरकार की मनमानी को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।