The film ‘Satluj’, based on the life of Jaswant

Satluj फिल्म की रोक के खिलाफ SGPC का प्रदर्शन, श्री हरिमंदिर साहिब से निकाला रोष मार्च

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: July 10 2026 01:36:12 PM

Satluj फिल्म की रोक के खिलाफ SGPC का प्रदर्शन, श्री हरिमंदिर साहिब से निकाला रोष मार्चजसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’

satluj फिल्म की रोक के खिलाफ sgpc का प्रदर्शन श्री हरिमंदिर साहिब से निकाला रोष मार्च

Satluj फिल्म की रोक के खिलाफ SGPC का प्रदर्शन, श्री हरिमंदिर साहिब से निकाला रोष मार्च

जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ 

SGPC ने फिल्म पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन किया

वहीं, इस दौरान डीसी ऑफिस तक रोष मार्च निकाला गया 

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, अरदास समागम का न्यौता

पंजाब डेस्क

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन किया गया। SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में श्री हरिमंदिर साहिब के बाहर प्लाजा में बड़ी संख्या में संगत ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद डीसी ऑफिस तक रोष मार्च निकाला गया और पंजाब के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही उन्होंने 14 तारीख को सतलुज नदी के किनारे आयोजित होने वाले अरदास समागम में बड़ी संख्या में शामिल होने की भी अपील की।

फिल्म पर रोक सच दबाने की कोशिश है

एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भाई जसवंत सिंह खालड़ा ने पंजाब में अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के मामलों को उजागर कर मानवाधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक योगदान दिया था। ऐसे व्यक्तित्व के जीवन पर बनी फिल्म को रिलीज से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सच्चाई को दबाने की कोशिश प्रतीत होती है।

सेंसर बोर्ड और सरकार पर उठाए सवाल

धामी ने कहा कि सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म में कई कट लगाने और उसका नाम बदलने के बावजूद रिलीज की अनुमति नहीं देना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। फिल्म से तुरंत प्रतिबंध हटाकर इसे रिलीज की अनुमति दी जाए, ताकि नई पीढ़ी पंजाब के इतिहास और उस दौर की वास्तविक घटनाओं से परिचित हो सके।

रोक न हटाई तो गांव-गांव पहुंचाएंगे फिल्म

उन्होंने यह भी मांग की कि सेंसर बोर्ड में SGPC का एक प्रतिनिधि शामिल किया जाए, ताकि धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों के साथ निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर फिल्म से रोक नहीं हटाई गई तो SGPC इसे गांव-गांव संगत तक पहुंचाने का कोशिश करेगी।

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