सुरक्षा और व्यवस्थाओं को देखते हुए मार्ग की मरम्मत और जरूरी रख-रखाव का काम पूरा
तीर्थयात्री वैध पहचान पत्र साथ रखें, तय मार्गों का पालन करें व ग्राउंड स्टाफ से सहयोग करें
www.maavaishnodevi.org पर लाइव अपडेट, बुकिंग और हेल्पलाइन का लाभ ले सकते हैं
कोविड-19 प्रतिबंधों के बाद से यह लंबा समय है जब यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया
धर्म डेस्क
माता वैष्णो देवी यात्रा रूट के अर्धकुंवारी में हुई लैंडस्लाइड के बाद रोकी गई यात्रा अब फिर से शुरू की जा रही है। श्राइन बोर्ड ने ऐलान किया है कि अगर मौसम अनुकूल रहा तो 14 सितंबर (रविवार) से फिर से शुरू होगी। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को देखते हुए मार्ग की मरम्मत और जरूरी रख-रखाव का काम पूरा कर लिया गया है।
सुरक्षा में RFID-आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य
तीर्थयात्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे वैध पहचान पत्र साथ रखें, निर्धारित मार्गों का पालन करें और ग्राउंड स्टाफ के साथ सहयोग करें। इसके अलावा, पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए RFID-आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य होगी।
श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकेंगे
भक्त श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.maavaishnodevi.org पर लाइव अपडेट, बुकिंग और हेल्पलाइन सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। लंबे इंतजार के बाद अब श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकेंगे।
कोविड के बाद से सबसे लंबा निलंबन
कोविड-19 प्रतिबंधों के बाद से यह सबसे लंबा समय है जब यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया है। और इस दौरान भक्तों की संख्या भी अधिक होती है। लेकिन लैंडस्लाइड के बाद से यात्रा स्थगित है। लैंडस्लाइड में अब तक करीब 34 लोगों की मौत हो गई है।
22 सितंबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र
बता दे कि माता वैष्णो देवी की यात्रा सालभर होती है और नवरात्रि में दर्शन होते हैं। मंदिर में विशेष उत्साह और दिव्य ऊर्जा का अनुभव होता है। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से 1 अक्टूबर को समाप्त होंगे। वहीं चतुर्थी तिथि में इस बार नवरात्र 9 की बजाय 10 दिन के होंगे।