3,000 से अधिक यात्रियों का सामान वापस किया गया
सोमवार देर रात तक ₹610 करोड़ का रिफंड प्रोसेस
इंडिगो के सीईओ और अकाउंट्स मैनेजर को समय
नेशनल डेस्क
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में चल रहे परिचालन संकट के कारण मंगलवार सुबह 9 बजे तक दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और श्रीनगर सहित कई प्रमुख एयरपोर्ट्स से 200 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरलाइन ने सोमवार देर रात तक ₹610 करोड़ का रिफंड प्रोसेस किया और 3,000 से अधिक यात्रियों का सामान वापस किया गया।
नए नियम के चलते शेड्यूल प्रभावित
केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद इंडिगो ने कहा है कि वह संकट के वास्तविक कारणों का “मूल कारण विश्लेषण” करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस व्यवधान का मुख्य कारण डीजीसीए द्वारा लागू नई FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) प्रणाली है, जिसके चलते क्रू प्लानिंग में पर्याप्त बफर नहीं रह पाया। अधिकारी के अनुसार, “कंपनी के पास पायलटों की कमी नहीं है, लेकिन नए नियमों के चलते शेड्यूल प्रभावित हुआ।”
DGCA ने 24 घंटे का समय बढ़ाया
उधर, डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंट्स मैनेजर को जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया है। एयरलाइन प्रबंधन ने समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट के अनुसार, सोमवार को अकेले दिल्ली से 134 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 75 आउटबाउंड और 59 इनबाउंड उड़ानें शामिल थीं। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में 3 से 4 दिन लग सकते हैं।
कम से कम दो दिन और लगेंगे
वहीं, यात्रियों का छूटा हुआ सामान सही स्थानों तक पहुंचाने में कम से कम दो दिन और लगेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि नेटवर्क तेजी से सामान्य हो रहा है और सुधारात्मक उपाय तब तक जारी रहेंगे जब तक परिचालन पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता। डीजीसीए ने इंडिगो सहित एयरलाइंस को अस्थायी राहत देते हुए 10 फरवरी 2026 तक “साप्ताहिक आराम के बदले छुट्टी नहीं” वाला नियम वापस ले लिया है।