पंजाब पर गहराया बिजली का सकंट, पावरकॉम यूनियन ने बढ़ाई अपनी हड़ताल
15 अगस्त को जिला हैडक्वार्टर पर विरोध मार्च निकालने का भी ऐलान किया है
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से राज्य में बिजली आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ रहा है
जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी : कर्मचारी यूनियन
दूसरी ओर बिजली संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं
पंजाब डेस्क :
पंजाब में बिजली संकट और गंभीर हो गया है। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारियों ने अपनी चल रही हड़ताल को 2 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह हड़ताल 15 अगस्त तक जारी रहेगी। इसके साथ ही बिजली कर्मचारी यूनियन ने 15 अगस्त को जिला हैडक्वार्टर पर विरोध मार्च निकालने का भी ऐलान किया है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से राज्य में बिजली आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ रहा है। कई इलाकों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है और इसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
संकट से निपटने के वैकल्पिक इंतजाम
यूनियन के नेताओं का कहना है कि उनके हड़ताल पर जाने से राज्य की बिजली काफी ज्यादा प्रभावित होगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि बिजली संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
पहले 13 अगस्त तक होनी थी हड़ताल
आपको बता दें कि पहले बिजली कर्मियों ने 11 अगस्त से लेकर 13 अगस्त तक हड़ताल करने का फैसला लिया था। कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल 2 दिन के लिए और बढ़ा दी है। अब 15 अगस्त तक यह हड़ताल जारी रहेगी। जल्द इसका असर भी देखने को मिल सकता है।
10 से ज्यादा यूनियनों ने लिया फैसला
यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की कमी, वेतन से जुड़े प्रबंधन और पंजाब सरकार की तरफ से जायज मुद्दों का दुरुपयोग करने के कारण हमारे पास हड़ताल जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है। मैनेजमैंट की तरफ से वादे पूरे न करने के विरोध में 10 से ज़्यादा यूनियनों ने हड़ताल करने का फैसला किया है।
6 अगस्त को मीटिंग रही थी बेनतीजा
बता दें कि 6 अगस्त को ऊर्जा मंत्री, पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन और प्रमुख बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में कोई भी नतीजा नहीं निकला था। जिसके चलते कर्मचारियों ने यह फैसला लिया।