हादसे के पीछे तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कथित मानवीय कार्रवाई हो सकती है
उड़ान में एक पायलट के जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किए जाने की आशंका जताई
बायां इंजन पहले बंद हुआ था, इसलिए शक का केंद्र कैप्टन सभरवाल बताए जा रहे
विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई
मृतकों में 53 ब्रिटिश नागरिक शामिल थे, विश्वास कुमार इकलौते जीवित बचे व्यक्ति
नेशनल डेस्क
अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश को लेकर नई जानकारी सामने आई है। इटली के प्रतिष्ठित अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने जांच रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कॉकपिट के अंदर हुई कथित मानवीय कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट में संकेत है कि उड़ान के दौरान एक पायलट के जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किए जाने की आशंका जताई गई है।
चौंकाने वाली कथित बातचीत
जांच में मिले कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से कथित तौर पर ऐसा बातचीत सामने आई है, जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है तुमने इंजन क्यों बंद कर दिए? जवाब में दूसरा पायलट इस आरोप से इनकार करता सुनाई देता है। जांच एजेंसियों के अनुसार विमान का बायां इंजन पहले बंद हुआ था। चूंकि कैप्टन आमतौर पर बाईं सीट पर बैठते हैं, इसलिए शक का केंद्र कैप्टन सुमित सभरवाल बताए जा रहे हैं।
पल में तबाही, 260 की मौत
12 जून को हुए इस हादसे में बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड बाद जमीन पर गिर गया और एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स सहित कुल 260 लोगों की जान गई। मृतकों में 53 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। विश्वास कुमार रमेश इस हादसे के इकलौते जीवित बचे व्यक्ति बताए जाते हैं।
अंतिम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
सूत्रों के मुताबिक भारतीय जांच एजेंसियां अंतिम रिपोर्ट में कैप्टन को जिम्मेदार ठहरा सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि हादसे के समय को-पायलट क्लाइव कुंदर विमान को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कैप्टन की ओर से कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।