ऐसी प्रस्तुतियां न सिर्फ सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि विवाद भी पैदा करती हैं
बावेजा स्टूडियो द्वारा बनाई गई इस फिल्म को लेकर शिरोमणि कमेटी ने आपत्ति जताई थी
फिल्म की रिलीज रोकने की जानकारी प्रोडक्शन टीम ने सोशल मीडिया पर भी साझा की
आगे रिलीज के बारे में फैसला अकाल तख्त साहिब और SGPC की सिफारिश के बाद ही
पंजाब डेस्क
श्री गुरु तेग बहादुर जी के पवित्र जीवन पर आधारित फिल्म "हिंद दी चादर" अब रिलीज नहीं होगी। इस फिल्म का निर्माण गुरु साहिब की शहीदी शताब्दी के अवसर पर बावेजा स्टूडियो द्वारा किया गया था। फिल्म को लेकर शिरोमणि कमेटी ने आपत्ति जताई थी। एसजीपीसी के मुख्य सचिव सरदार कुलवंत सिंह मनन ने सिख भावनाओं का हवाला देते हुए फिल्म के निर्माताओं और निर्देशक से इसे रिलीज नहीं करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रस्तुतियां न सिर्फ सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि विवाद भी पैदा करती हैं।
जांच कमेटी ने सौंप दी रिपोर्ट
पूरे मामले को लेकर बावेजा स्टूडियो ने श्री अकाल तख्त साहिब को एक पत्र भेजा, जिसमें जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज को फिल्म की खामियों के बारे में बताया गया। इसके बाद फिल्म जांच कमेटी ने फिल्म देखकर अपनी रिपोर्ट तैयार की और अकाल तख्त को सौंप दी।
सोशल मीडिया पर जानकारी
फिल्म की रिलीज रोकने की जानकारी प्रोडक्शन टीम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा की। टीम का कहना है कि वे सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हैं और अकाल तख्त साहिब के फैसले का इंतजार करेंगे।
अगले फैसले का इंतजार है
अब फिल्म की आगे रिलीज के बारे में फैसला अकाल तख्त साहिब और एसजीपीसी की सिफारिश के बाद ही लिया जाएगा। सुधार के बाद यह फिल्म दोबारा रिलीज हो पाएगी या नहीं। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।