इस नियम का मकसद चेक क्लीयरेंस प्रक्रिया को तेज और धोखाधड़ी पर रोक लगाना था
यह नया नियम 3 जनवरी 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया
बैंकों का कहना था सभी शाखाओं और सिस्टम को तैयार करने में अभी और वक्त चाहिए
नई तारीख का ऐलान किया जाएगा, तबतक चेक क्लीयरेंस की मौजूदा व्यवस्था लागू रहेगी
नई दिल्ली
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने चेक क्लीयरेंस से जुड़े एक अहम नियम को फिलहाल टाल दिया है। यह नया नियम 3 जनवरी 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे आगे की तारीख तक स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले से बैंकों और ग्राहकों दोनों को अस्थायी राहत मिली है। बैंकों का कहना था कि सभी शाखाओं और सिस्टम को इस समय सीमा के अनुसार तैयार करने में अभी और वक्त चाहिए। आने वाले समय में नई तारीख का ऐलान किया जाएगा। तब तक चेक क्लीयरेंस की मौजूदा व्यवस्था ही लागू रहेगी।
धोखाधड़ी पर रोक लगाना था नियम का मकसद
दरअसल, RBI की इस योजना के तहत बैंकों को चेक की इमेज मिलने के बाद सिर्फ 3 घंटे के भीतर उसे मंजूर (अप्रूव) या खारिज (रिजेक्ट) करना जरूरी था। इस नियम का मकसद चेक क्लीयरेंस की प्रक्रिया को तेज करना और धोखाधड़ी पर रोक लगाना था।
तकनीकी और संचालन से जुड़ी दिक्कतें बताई थीं
इसके लिए एक नए फेज की शुरुआत की जानी थी, जिसमें पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से समयबद्ध बनाई गई थी। हालांकि, कुछ बैंकों ने इस नियम को लागू करने में तकनीकी और संचालन से जुड़ी दिक्कतें बताई थीं। इन्हीं कारणों को देखते हुए RBI ने इस नियम को फिलहाल टालने का फैसला लिया है।
यह योजना रद्द नहीं की है, बल्कि स्थगित की गई
RBI की ओर से साफ किया गया है कि यह योजना रद्द नहीं की गई है, बल्कि केवल स्थगित की गई है। RBI के इस कदम से बैंकों को तैयारी का अतिरिक्त समय मिलेगा और ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।