पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 20 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया
याचिका खारिज होने के बाद अब उन्हें जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ेगा
25 जून को अरेस्ट हुए थे बिक्रम सिंह मजीठिया, वह पांच महीने से नाभा जेल में है
चंडीगढ़
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को लेकर बड़ी खबर आई है। मजीठिया को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से झटका लगा है। उन्हें जमानत नहीं मिली है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 20 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। वहीं, अब उन्हें जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ेगा। हालांकि अभी तक इस मामले में ऑर्डर नहीं आया है।
25 जून को अरेस्ट हुए थे
दूसरी तरफ मोहाली अदालत में बिक्रम मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल को भगोड़ा घोषित करने की याचिका पर सुनवाई होगी। इस दौरान उनके वकील की तरफ से अपना जवाब दाखिल किया जाएगा। उन्हें पहले ही केस में नामजद किया जा चुका है। वह 25 जून को अरेस्ट हुए थे। वह पांच महीने से नाभा जेल में है।
केस में 200 गवाह बनाए
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस चालान पेश कर चुकी है। चार्जशीट में कई अकाली और बीजेपी नेताओं के भी बयान दर्ज हैं। वहीं, दावा किया जा रहा है कि विजिलेंस ने तय समय पर चार्जशीट दाखिल की है। विजिलेंस का दावा है कि 400 बैंक खातों का दस साल तक रिकॉर्ड खंगाला गया है। केस में 200 गवाह बनाए हैं।