27 अक्टूबर को वाल्मीकि तीर्थ की मर्यादा का खुला उल्लंघन हुआ
आरोप है कि कुछ लोगों ने ज़बरदस्ती तीर्थ परिसर में झंडा लगाया
सरकार और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण विवाद हुआ
जबतक झंडा नहीं हटाया जाता, तबतक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा
बलिदान देने को तैयार, किसी भी प्रकार की बेअदबी बर्दाश्त नहीं
प्रशासन ने मामला गंभीरता से नहीं लिया तो राज्यस्तरीय आंदोलन
अमृतसर
अमृतसर में वाल्मीकि तीर्थ पर झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद वाल्मीकि संगठनों ने बुधवार को अमृतसर बंद का ऐलान किया। बंद के तहत भंडारी पुल पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया, जिससे शहर में आवागमन ठप हो गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 27 अक्टूबर को वाल्मीकि तीर्थ की मर्यादा का खुला उल्लंघन हुआ। आरोप है कि कुछ लोगों ने ज़बरदस्ती तीर्थ परिसर में झंडा लगाया, जिसे समाज ने सीधी बेअदबी बताया है।
सरकार व प्रशासन की लापरवाही
वाल्मीकि संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह विवाद हुआ, क्योंकि समय रहते कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया।संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक झंडा नहीं हटाया जाता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
राज्यस्तरीय आंदोलन शुरू करेंगे
साथ ही चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने मामला गंभीरता से नहीं लिया तो राज्यस्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वाल्मीकि समाज अपनी मर्यादा की रक्षा के लिए हर बलिदान देने को तैयार है और किसी भी प्रकार की बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।