मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही
सेहत से खिलवाड़, डालडा के दाम पर देसी घी बिकने की चर्चा
महंगाई के दौर में सस्ते के नाम पर बिक रहे सामान से परेशानी
रंग और खुशबू मिलाकर उसे शुद्ध देसी घी बताकर बेच रहे हैं
250 रुपये किलो देसी घी बिकने के मामले की जांच की जाएगी
गोनियाना
शहर में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। बाजार में डालडा के दाम पर देसी घी बिकने की चर्चा है, जिससे लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। महंगाई के दौर में सस्ते के नाम पर बिक रहा यह सामान आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
खुलेआम बिक रहा है कथित नकली घी
जानकारों के मुताबिक कुछ व्यापारी वनस्पति या सस्ते तेल में रंग और खुशबू मिलाकर उसे शुद्ध देसी घी बताकर बेच रहे हैं। कम कीमत होने के बावजूद इसे असली बताकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा है। दाल, मसाले, मिठाई और तेल के साथ यह कथित नकली घी भी खुलेआम बिक रहा है।
मिलावटी घी के चलते पेट की बीमारियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेहत विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। कभी-कभार औपचारिक छापेमारी की जाती है, लेकिन ठोस नतीजे सामने नहीं आते। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी घी से पेट की बीमारियां और लंबे समय में दिल व लिवर संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं।
मामले की जांच होगी : फूड इंस्पेक्टर
फूड इंस्पेक्टर सुंधीर सिंघा ने बताया कि विभाग समय-समय पर सैंपल लेता है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितने सैंपल लिए गए और कितने फेल हुए। 250 रुपये किलो देसी घी बिकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।